ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी के बीच बातचीत की खबरों ने जोर पकड़ा है। ईरान की सरकार और वहां के बड़े अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि उनकी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है। हालांकि अमेरिका की तरफ से दावे किए गए थे कि दोनों देशों के बीच अच्छी चर्चा हो रही है, लेकिन ईरान ने इन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। इस मामले में पाकिस्तान ने भी बीच-बचाव करने और बातचीत के लिए जगह देने की पेशकश की है।

ईरान के अधिकारियों ने क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उन्हें कुछ दोस्त देशों के माध्यम से अमेरिका के संदेश मिले हैं। इन संदेशों में वॉशिंगटन ने बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई थी, लेकिन ईरान ने अभी तक इनका कोई जवाब नहीं दिया है। पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रज़ा अमीरी मोगद्दाम ने साफ किया है कि न तो सीधे और न ही किसी और तरीके से अमेरिका से कोई बात हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोनों देश तैयार हों, तो पाकिस्तान इस बातचीत की मेजबानी करने को तैयार है। ईरानी संसद के अध्यक्ष और सुरक्षा समिति के लोगों ने भी यही बात दोहराई है कि अभी बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य और सुरक्षा के नए नियम

ईरान ने समुद्र के रास्ते होने वाले व्यापार को लेकर अपनी शर्तें साफ कर दी हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर बताया है कि हॉर्मुज़ के रास्ते से कौन से जहाज सुरक्षित निकल सकते हैं। नीचे दी गई टेबल में आप जरूरी नियम और हालिया बदलाव देख सकते हैं:

मुख्य जानकारी नियम और विवरण
जहाजों की श्रेणी सिर्फ गैर-दुश्मन जहाजों को ही सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा।
सुरक्षा शर्त जहाज ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य हमले या गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए।
नियमों का पालन जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाना और सुरक्षा नियमों को मानना होगा।
ताज़ा घटना थाईलैंड के एक तेल टैंकर ने नियमों का पालन करते हुए इस रास्ते को सुरक्षित पार किया।

इसके अलावा, ईरान ने OIC यानी इस्लामिक सहयोग संगठन के एक बयान पर भी नाराजगी जताई है। ईरान के दूत का कहना है कि इस संगठन ने बिना सबकी सहमति के ईरान की स्थिति के बारे में गलत जानकारी दी है। वहीं दूसरी तरफ इजरायल की मीडिया में यह खबर चल रही है कि अमेरिका ने ईरान के सामने 15 शर्तों वाला एक प्लान रखा है। इस प्लान में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने जैसी बातें कही गई हैं, लेकिन ईरान ने इस पर कोई आधिकारिक सहमति नहीं जताई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.