ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की खबरों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। मंत्रालय का कहना है कि ईरान की स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है और उसमें कोई बदलाव नहीं आया है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उन दावों के बाद आया है जिसमें उन्होंने ईरान के साथ बातचीत को बहुत अच्छा और उपयोगी बताया था। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका की तरफ से आए ये बयान केवल समय बिताने और तेल की कीमतों को कम करने की कोशिश मात्र हैं।

ईरान ने ट्रंप के दावों पर क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि अमेरिका के साथ वर्तमान में कोई बातचीत नहीं चल रही है। मंत्रालय के अनुसार ट्रंप के बयान केवल दुनिया को गुमराह करने और ऊर्जा की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ट्रंप के साथ कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क नहीं हुआ है। ईरान का मानना है कि अमेरिका तनाव कम करने के बहाने केवल अपने सैन्य मंसूबों को पूरा करने के लिए समय चाहता है।

मौजूदा स्थिति और पुरानी बातचीत का सच

इस पूरे विवाद में कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं जो जमीनी हकीकत को स्पष्ट करते हैं:

  • ईरान ने कहा कि उसने संघर्ष शुरू नहीं किया इसलिए तनाव कम करने की जिम्मेदारी वाशिंगटन की है।
  • फरवरी 2026 में जेनेवा में परमाणु वार्ता का तीसरा दौर हुआ था लेकिन ट्रंप उससे संतुष्ट नहीं थे।
  • ईरान के जानकारों का कहना है कि अमेरिका वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित करने के लिए ऐसे बयान दे रहा है।
  • अमेरिकी रक्षा सचिव पेट हेगसेथ ने स्पष्ट किया है कि उनके सैन्य उद्देश्य अभी भी वही हैं और अभियान जारी रहेंगे।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.