ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान अपना यूरेनियम अमेरिका को देने के लिए तैयार हो गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि उसके लिए परमाणु कार्यक्रम एक ऐसी लक्ष्मण रेखा है जिसे पार करने की अनुमति किसी को नहीं है।
ईरान ने अमेरिका के दावों पर क्या जवाब दिया?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि उनके लिए समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) ईरान की मिट्टी की तरह पवित्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरेनियम को किसी भी दूसरे देश, खासकर अमेरिका को भेजने का विचार कभी नहीं किया गया। Baghaei ने डोनाल्ड ट्रंप के दावों को केवल एक कल्पना बताया और अमेरिकी अधिकारियों पर गलत बयान देने का आरोप लगाया।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या दावा किया था?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया था कि बातचीत के दौरान ईरान हर बात के लिए मान गया है। उन्होंने कहा था कि एक योजना के तहत यूरेनियम को हटाकर अमेरिका ले जाया जाएगा और इसके बदले में कोई पैसा नहीं दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह पुराने हमलों के मलबे और यूरेनियम को हटाने के लिए मशीनों का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डील नहीं हुई तो युद्ध जारी रह सकता है।
अब तक की प्रमुख घटनाओं की जानकारी
ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, जिनका विवरण नीचे दी गई तालिका में है:
| तारीख/समय | प्रमुख घटना |
|---|---|
| गर्मियां 2025 | अमेरिका ने ईरान के इसफहान, नतांज़ और फोर्डो केंद्रों पर हमले किए |
| फरवरी 2026 | ओमान के मस्कट में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू हुई |
| 8 अप्रैल 2026 | पाकिस्तान की मदद से अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम हुआ |
| 15 अप्रैल 2026 | ईरान ने कहा कि यूरेनियम संवर्धन के स्तर पर बात हो सकती है |
| 17 अप्रैल 2026 | ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए पूरी तरह खोलने का ऐलान किया |
| 18 अप्रैल 2026 | ईरान ने यूरेनियम अमेरिका को सौंपने के दावों को सिरे से नकारा |
| वर्तमान स्थिति | अमेरिकी नौसेना का ईरानी जहाजों और बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी है |
बातचीत का मुख्य फोकस क्या है?
ईरान का कहना है कि अब बातचीत का मुख्य केंद्र युद्ध को खत्म करना है, न कि सिर्फ परमाणु मुद्दा। ईरान अपनी उन मांगों पर अड़ा है जिसमें प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाया जाए और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जाए। हालांकि, दोनों देशों के बीच यूरेनियम के मालिकाना हक को लेकर मतभेद अभी भी बहुत गहरे हैं।
