अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में एक अमेरिकी नागरिक की रिहाई का दावा किया था, जिसे लेकर अब ईरान ने अपनी आधिकारिक स्थिति साफ की है। 16 जुलाई 2026 को ईरान की जुडिशरी ने Mizan News Agency के माध्यम से इस खबर को पूरी तरह से गलत बताया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनकी जेलों से किसी भी अमेरिकी कैदी को रिहा नहीं किया गया है और न ही कोई कैदी एक्सचेंज हुआ है।
मामले की सच्चाई क्या है
Donald Trump ने 16 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया के जरिए बताया था कि दिसंबर 2024 से हिरासत में बंद एक अमेरिकी नागरिक को रिहा कर दिया गया है और वह सुरक्षित बाहर आ चुका है। इसके उलट, ईरान की सरकारी मीडिया Press TV ने इस दावे का खंडन करते हुए इसे झूठी खबरों से प्रेरित बताया है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी-ईरानी नागरिक Dena Karari के वकील Jared Genser ने पुष्टि की है कि उनकी क्लाइंट सुरक्षित है और अमेरिका वापस लौट रही है। वकील के अनुसार, Dena Karari जेल में नहीं थी बल्कि उस पर coercive exit ban लगाया गया था और उसे espionage जैसे झूठे आरोपों में फंसाया गया था। इस रिहाई के लिए वकील ने Donald Trump के प्रयासों को सराहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने इस मुद्दे पर ईरान के दावों का सीधा जवाब देने के बजाय यह दोहराया कि राष्ट्रपति विदेश में हिरासत में लिए गए अमेरिकियों की वापसी को प्राथमिकता देते हैं। दोनों देशों के बीच जून के मध्य में शांति समझौता होने के बावजूद, इस तरह के विरोधाभासी बयान आपसी तनाव को साफ दिखाते हैं।
