ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने रविवार, 27 जुलाई 2026 को उन रिपोर्ट्स को सिरे से नकार दिया है जिनमें कहा गया था कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करना चाहता है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह मनगढ़ंत बताया और साफ किया कि फिलहाल अमेरिका के साथ सीधी बातचीत के लिए कोई अनुकूल स्थिति नहीं है। ईरान का मुख्य जोर इस समय अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने पर है।
तनाव में थोड़ी कमी और मध्यस्थता की कोशिश
पिछले दो हफ्तों से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सैन्य कार्रवाई में पिछले दो रातों से ठहराव देखा गया है। इस शांति के पीछे पाकिस्तान और कतर द्वारा की जा रही मध्यस्थता को मुख्य कारण माना जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति Donald Trump फिलहाल बातचीत के लिए थोड़ा समय दे रहे हैं, हालांकि अमेरिकी सेना अभी भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। ईरानी सेना के प्रवक्ता Mohammad Akraminia ने भी पुष्टि की कि अमेरिकी हमले रुकने के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई रोक दी है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और अटकी हुई कूटनीति
भले ही हवाई हमले थमे हों, लेकिन जमीनी विवाद अभी भी बरकरार हैं। रविवार को ईरान के Revolutionary Guards की नौसेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे 6 जहाजों को रोक लिया। इसके अलावा, ईरान के 6 बिलियन डॉलर से लेकर 12 बिलियन डॉलर तक की जमी हुई संपत्ति को जारी करने का मामला भी रुका हुआ है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने जून में हुए Islamabad Memorandum of Understanding की शर्तों का पालन नहीं किया है। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu का दावा है कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियानों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुंचाया है।
