कुवैत में हाल ही में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान ने अपनी सैन्य कार्रवाइयों की निंदा करने के लिए यूरोपीय संघ (EU) पर तीखा हमला बोला है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय संघ के रुख को पाखंडी और गैर-जिम्मेदाराना बताया है। वहीं कुवैत और अमेरिकी सेना ने भी इन हमलों को लेकर बड़े दावे किए हैं, जिससे इस क्षेत्र में शांति वार्ता की कोशिशों को झटका लगा है।

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ईरान ने यूरोपीय संघ की निंदा को क्यों बताया पाखंड?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 1 और 2 जून 2026 को यूरोपीय संघ के बयान का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य कार्रवाई आत्मरक्षा में उठाया गया एक कानूनी कदम था। ईरान का कहना है कि पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों से उस पर हमले किए जा रहे थे, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। प्रवक्ता ने यूरोपीय संघ को सलाह दी कि वह संयुक्त राष्ट्र के नियमों का पालन करे और चुनिंदा मामलों में अपनी नाराजगी दिखाना बंद करे।

कुवैत और अमेरिकी सेना ने हमलों को लेकर क्या कहा?

  • कुवैत की प्रतिक्रिया: कुवैती सेना ने पुष्टि की है कि 1 जून 2026 को उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। कुवैती विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी सुरक्षा और संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है।
  • अमेरिकी सेना का दावा: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी कि 1 जून 2026 को कुवैत में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर दागी गईं दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया गया। इस हमले में किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं आई है।
  • यूरोपीय संघ का रुख: यूरोपीय संघ ने 29 मई 2026 को ही ईरान के इस कदम की निंदा की थी और कुवैत के प्रति अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त की थी।

क्षेत्र में क्या हैं ताजा हालात और शांति वार्ता की स्थिति?

इस समय अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत बहुत तेजी से चल रही है। जानकारों के मुताबिक, आने वाले हफ्ते में दोनों देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और संघर्षविराम को लेकर कोई बड़ा समझौता होने की उम्मीद है। हालांकि, ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Baqer Ghalibaf ने साफ कर दिया है कि किसी भी समझौते में लेबनान पर हमलों को रोकना भी शामिल होना चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमला कब हुआ था?

कुवैती सेना और अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, 1 जून 2026 को कुवैत की सीमा में मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए थे, जिन्हें कुवैत और अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया।

ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले को लेकर क्या सफाई दी?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि यह हमला पड़ोसी देशों में बने अमेरिकी ठिकानों से ईरान पर होने वाले हमलों के खिलाफ आत्मरक्षा में की गई कानूनी कार्रवाई थी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.