Iran के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 16 जुलाई 2026 को यह दावा किया है कि उन्होंने एक दुश्मन का MQ-9 ड्रोन मार गिराया है। यह घटना Andimeshk के आसमान में हुई, जहाँ ईरान की एयरोस्पेस फोर्स ने अपनी आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करके इस ड्रोन को निशाना बनाया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों IRNA और Tasnim ने इस हमले की जानकारी दी है।
लगातार बढ़ते तनाव और सैन्य हमले
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी देशों में सैन्य और कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है। 16 जुलाई 2026 को ही US Central Command (CENTCOM) ने ईरान पर दूसरे दौर के हमले किए, जिसका मकसद उन सैन्य ठिकानों को खत्म करना था जो होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बना रहे थे। यह ऑपरेशन राष्ट्रपति Donald Trump के निर्देश पर किया गया है।
कुवैत और अन्य ठिकानों पर हमले
इससे एक दिन पहले 15 जुलाई 2026 को Kuwait के सशस्त्र बलों ने ईरान की ओर से दागे गए 4 क्रूज मिसाइल और 21 ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी थी। इन हमलों से कुवैत की महत्वपूर्ण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। IRGC ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने कुवैत में Ali Al Salem Air Base के अलावा जॉर्डन के Al-Azraq बेस और बहरीन में स्थित अमेरिकी Fifth Fleet के बेस को भी निशाना बनाया है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, फरवरी 2026 में तनाव शुरू होने के बाद से अब तक करीब 30 MQ-9 Reaper ड्रोन नष्ट हो चुके हैं, जो अमेरिका के कुल बेड़े का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा है।
