ईरान ने दुनिया के बड़े देशों के साथ मिलकर युद्ध खत्म करने की तैयारी शुरू कर दी है। विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने जापान और इटली के समकक्षों को ईरान के शांति प्रस्ताव के बारे में जानकारी दी। ईरान चाहता है कि अमेरिका और इसराइल अपनी सैन्य कार्रवाई बंद करें ताकि पूरे इलाके में शांति लौट सके।
ईरान ने युद्ध रोकने के लिए क्या प्रस्ताव दिया है?
ईरान ने पाकिस्तान की मदद से अमेरिका को 14 सूत्रीय जवाबी प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में अमेरिका से मांग की गई है कि वह अपनी सेना को इस पूरे इलाके से पूरी तरह हटा ले। दरअसल, अमेरिका ने पहले दो महीने के युद्धविराम का एक 9 सूत्रीय प्रस्ताव दिया था, लेकिन ईरान ने इसे बदलकर 30 दिन के अंदर मुख्य मुद्दों को सुलझाने की बात कही है।
विदेश मंत्री Araghchi ने किन मुख्य बातों पर जोर दिया?
विदेश मंत्री ने अपनी बातचीत के दौरान कुछ अहम मुद्दे उठाए हैं, जिन्हें नीचे बताया गया है:
- सुरक्षा की चिंता: उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल की सैन्य हरकतों की वजह से फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा बढ़ी है।
- शांति की इच्छा: Araghchi ने साफ किया कि ईरान ने यह युद्ध शुरू नहीं किया और वह बातचीत के लिए हमेशा तैयार है।
- शर्त: ईरान ने कहा कि वह तभी डिप्लोमेसी करेगा जब अमेरिका अपनी धमकियां और आक्रामक तरीका छोड़ेगा।
- रक्षा की तैयारी: उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि ईरान की सेना देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान के अंदर और बाहर क्या स्थिति है?
जहां एक तरफ ईरान बाहर शांति की बात कर रहा है, वहीं अंदरूनी तौर पर तनाव है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf की विदेश मंत्री के रुख को लेकर असहमति की खबरें आई हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें पद से हटाने की चर्चा भी है। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के इन प्रस्तावों पर अपनी नाराजगी जताई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने किन देशों के साथ अपनी बातचीत की?
जापान और इटली के अलावा ईरान ने तुर्की, कतर, सऊदी अरब, मिस्र, इराक, अजरबैजान, रूस, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और यूरोपीय संघ की प्रमुख Kaja Kallas के साथ बातचीत की है।
ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की क्या भूमिका है?
पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसके जरिए ईरान ने अपना 14 सूत्रीय जवाबी प्रस्ताव अमेरिका तक पहुँचाया है।