ईरान ने अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी से बचने के लिए एक नया तरीका अपनाया है। अब ईरान के जहाज अपने ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रहे हैं ताकि वे चुपके से सामान और तेल ले जा सकें। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की बातचीत नाकाम हो गई और अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों को घेर लिया।

अमेरिकी नाकाबंदी और जहाजों का हाल

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों पर पूरी तरह नाकाबंदी लागू कर दी थी। US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि इस नाकाबंदी के बाद अब तक 38 जहाजों को वापस लौटने या ईरानी बंदरगाहों पर रुकने का आदेश दिया गया। हालांकि, ईरान ने इस घेरे को तोड़ने की कोशिश भी की है। 28 अप्रैल तक के आंकड़ों के मुताबिक, 31 तेल टैंकर और 21 मालवाहक जहाज अमेरिकी नाकाबंदी को पार करने में कामयाब रहे।

इस बीच 21 अप्रैल 2026 को अमेरिकी पेंटागन ने Tiffany नाम के एक तेल टैंकर को जब्त किया। इस जहाज ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए ऑटोमैटिक ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिया था, जिससे अमेरिकी सेना को इसे पकड़ने में मदद मिली।

दोनों देशों के बड़े नेताओं ने क्या कहा

  • डोनाल्ड ट्रंप: अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि अमेरिका का हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर पूरा कंट्रोल है और बिना अनुमति कोई जहाज वहां से नहीं गुजर सकता।
  • मसूद पेज़ेशकियन: ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि यह नाकाबंदी नाकाम होगी और ईरान सभी गैर-शत्रु देशों के लिए समुद्र में सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
  • फातिमा मोहजेरानी: ईरानी सरकार की प्रवक्ता ने बताया कि ईरान ने 2024 के अमेरिकी चुनाव के बाद से ही इस नाकाबंदी की तैयारी कर ली थी। अब वे खाड़ी बंदरगाहों के बजाय उत्तरी, पूर्वी और पश्चिमी व्यापारिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • मोहम्मद अकरमी निया: ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि उनके लिए युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और वे किसी भी नए हमले का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

तेल की तस्करी और चीन का कनेक्शन

समुद्री डेटा कंपनी Kpler के मुताबिक, प्रतिबंधों के बावजूद ईरानी कच्चे तेल को बाहर भेजने के लिए ट्रैकिंग डिवाइस बंद करना एक पुराना तरीका है। यह तेल मुख्य रूप से चीन जाता है, जहां छोटी रिफाइनरियाँ जिन्हें teapots कहा जाता है, सस्ता ईरानी तेल खरीदती हैं। दूसरी तरफ, GCC देशों ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें जहाजों से पारगमन शुल्क (Transit Fee) लेने की बात कही गई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने जहाजों के ट्रैकिंग सिस्टम क्यों बंद किए?

ईरान ने ऐसा अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी से बचने और अपने जहाजों की लोकेशन छिपाकर तेल और सामान भेजने के लिए किया है।

अमेरिका ने ईरान पर नाकाबंदी कब शुरू की?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू की, क्योंकि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता विफल हो गई थी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com