ईरान ने अमेरिका, इजराइल और ब्रिटेन के जासूसी नेटवर्क को किया खत्म, केर्मन समेत तीन राज्यों से 127 लोग गिरफ्तार

ईरान की खुफिया एजेंसी ने एक बड़ा एक्शन लिया है। एजेंसी ने अमेरिका, इजराइल और ब्रिटेन से जुड़े जासूसी और तोड़-फोड़ करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह ऑपरेशन ईरान के केर्मन शहर और दो अन्य प्रांतों में चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को पकड़ा गया है।

किन इलाकों में हुई गिरफ्तारी और कितने लोग पकड़े गए

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि यह कार्रवाई केर्मन, पूर्वी अजरबैजान और मजंदरान प्रांतों में की गई। कुल 127 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से सबसे ज्यादा 69 लोग मजंदरान से, 51 लोग केर्मन से और 7 लोग पूर्वी अजरबैजान से पकड़े गए हैं। केर्मन में पकड़े गए लोगों में ‘ईरान इंटरनेशनल’ नेटवर्क के 6 मीडिया कर्मी और बहाई समुदाय से जुड़े दो ग्रुप भी शामिल हैं।

किन आरोपों में हुई कार्रवाई और क्या है सजा

पकड़े गए लोगों पर जासूसी करने, गुप्त नेटवर्क बनाने और देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश का आरोप है। एजेंसी का कहना है कि इनका मकसद ईरान की आर्थिक सुरक्षा को नुकसान पहुँचाना और लोगों को भड़काकर दंगे करवाना था। ईरान में जासूसी का कानून अब पहले से ज्यादा सख्त हो गया है, जिसके तहत जासूसी के दोषियों को मौत की सजा दी जा सकती है और उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।

मौजूदा हालात और कार्रवाई का विवरण

यह कार्रवाई उस समय हुई है जब ईरान पर बाहरी दबाव काफी बढ़ गया है। फरवरी के आखिर से ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच 22 अप्रैल 2026 तक के लिए एक अस्थाई युद्धविराम लागू है।

विवरण जानकारी
कुल गिरफ्तार लोग 127
केर्मन से गिरफ्तार 51
मजंदरान से गिरफ्तार 69
पूर्वी अजरबैजान से गिरफ्तार 7
संबंधित देश अमेरिका, इजराइल, ब्रिटेन
मुख्य आरोप जासूसी और तोड़-फोड़
संभावित सजा मौत की सजा और संपत्ति जब्ती