ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बहुत बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. देश के दक्षिण-पूर्वी इलाके में छापेमारी कर 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सरकार का दावा है कि ये लोग विदेशी ताकतों के इशारे पर हमले की तैयारी कर रहे थे और इन्हें पकड़े जाने से पहले ही रोक लिया गया.

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ईरान में क्या हुआ और कितने लोग पकड़े गए?

ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने बताया कि सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में चार आतंकी सेल का भंडाफोड़ किया गया. इस ऑपरेशन में कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक ये सेल अमेरिका और इसराइल की खुफिया एजेंसियों के सीधे मार्गदर्शन में काम कर रहे थे. पकड़े गए लोगों में ज़्यादातर विदेशी नागरिक हैं जिन्हें पड़ोसी देशों में भर्ती किया गया था और हथियारों व विस्फोटकों की ट्रेनिंग दी गई थी.

छापेमारी में कौन-कौन से हथियार मिले और कहाँ हुई अन्य कार्रवाई?

सुरक्षा बलों ने संदिग्धों के ठिकानों से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और उपकरण बरामद किए हैं. बरामद सामान की लिस्ट नीचे दी गई है:

  • भारी मशीन गन: एक DShK मशीन गन
  • रॉकेट लॉन्चर: दो RPG-7 लॉन्चर और सात रॉकेट
  • राइफल और पिस्टल: एक अमेरिकी M4 राइफल, पांच कलाशनिकोव राइफल और छह पिस्टल
  • अन्य सामान: भारी मात्रा में गोला-बारूद, दो सैन्य कैमरे और माइनिंग उपकरण

इसी दिन IRGC ने कुर्दिस्तान प्रांत के बाने शहर में उत्तरी इराक से हथियारों की तस्करी की कोशिश को भी नाकाम किया. इसके अलावा काज़्विन, केरमान और चहरमहल और बख्तियारी प्रांतों में भी ऑपरेशन चलाए गए, जहाँ कथित तौर पर इसराइल के जासूस पकड़े गए और हथियारों के नेटवर्क को खत्म किया गया.

Europol ने ईरान के प्रोपेगेंडा नेटवर्क पर क्या एक्शन लिया?

एक अलग घटनाक्रम में Europol ने ईरान के IRGC से जुड़े एक बड़े ऑनलाइन प्रोपेगेंडा नेटवर्क को खत्म किया है. इस ऑपरेशन के तहत अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म से करीब 14,200 लिंक हटा दिए गए हैं. Europol की इंटरनेट रेफरल यूनिट ने इस नेटवर्क को बंद किया है क्योंकि यह चरमपंथी विचारधारा और प्रोपेगेंडा फैलाने का काम कर रहा था. यूरोपीय संघ ने IRGC को एक आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित किया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने किन देशों पर आरोप लगाया है?

ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने दावा किया है कि पकड़े गए आतंकी सेल अमेरिका और इसराइल की खुफिया एजेंसियों के इशारे पर काम कर रहे थे.

पकड़े गए संदिग्ध कौन थे और उन्हें ट्रेनिंग कहाँ मिली थी?

गिरफ्तार किए गए 19 लोगों में से ज़्यादातर विदेशी नागरिक हैं, जिन्हें पड़ोसी देशों में स्थित मिलिटेंट ग्रुप्स ने भर्ती किया था और हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी थी.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.