ईरान ने पहली बार दुनिया के सामने रखा अमेरिकी और इजरायली विमानों का मलबा, प्रदर्शनी में दिखाए गए सबूत.

Sushma Kumari14 August 20263 min read94 viewsWorld
ईरान ने पहली बार दुनिया के सामने रखा अमेरिकी और इजरायली विमानों का मलबा, प्रदर्शनी में दिखाए गए सबूत.

तेहरान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अमेरिकी और इजरायली विमानों के मलबे का एक बहुत बड़ा संग्रह प्रदर्शित किया है। इस खास प्रदर्शनी में उन सभी सैन्य विमानों और रक्षा उपकरणों के अवशेषों को रखा गया है जिन्हें ईरान के खिलाफ हुए हालिया सैन्य संघर्ष के दौरान गिराए जाने या नष्ट किए जाने का दावा किया गया है। यह पूरी जानकारी ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आई है, जिसमें सरकारी और अर्ध-सरकारी माध्यमों ने इन तस्वीरों और वीडियो को साझा किया है।

प्रदर्शनी में क्या-क्या आया सामने

ईरान के तसनीम न्यूज़ ने सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के हवाले से जानकारी दी है कि जारी किए गए टीज़र में कई हैरान करने वाली तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इनमें मुख्य रूप से एक अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान के अवशेष साफ तौर पर नजर आ रहे हैं। इस मलबे के अंदर पायलट की इजेक्शन सीट, विमान की कैनोपी का एक अहम हिस्सा और उसकी पूंछ का टुकड़ा भी शामिल बताया गया है। ईरानी मीडिया के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब एफ-15 के इन अवशेषों को इस तरह से आम लोगों और मीडिया के सामने सार्वजनिक तौर पर लाया गया हो। इस प्रदर्शनी में सिर्फ विमान ही नहीं, बल्कि अन्य अमेरिकी और इजरायली विमानों के साथ-साथ कई ड्रोन और मिसाइलों के अवशेष भी सजाकर रखे गए हैं ताकि लोग उन्हें देख सकें।

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स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम का दावा

इस पूरे मामले पर बात करते हुए आईआरजीसी के प्रवक्ता जनरल होसैन मोहेब्बी ने तसनीम न्यूज़ को एक खास बयान दिया था। उनके मुताबिक, 12 दिन चले युद्ध के बाद आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वे अपनी खुद की स्वदेशी एयर डिफेंस क्षमता को विकसित करें। इस प्रोजेक्ट पर काफी तेजी से काम किया गया और इसका नतीजा यह निकला कि देश के भीतर ही एक नया घरेलू एयर डिफेंस सिस्टम तैयार कर लिया गया। ईरानी अधिकारियों का यह दावा है कि बाद में जब दोबारा संघर्ष की स्थिति बनी, तब इसी नई घरेलू प्रणाली का इस्तेमाल किया गया था। जनरल मोहेब्बी ने यह भी दावा किया कि इस एयर डिफेंस सिस्टम ने लड़ाई के दौरान एक एफ-35 लड़ाकू विमान को सफलतापूर्वक रास्ते में ही रोक लिया था। हालांकि, आपको यह भी बता दें कि ईरान की तरफ से किए जा रहे इन तमाम दावों की किसी भी स्वतंत्र एजेंसी या अंतरराष्ट्रीय मंच से पुष्टि नहीं हो पाई है।

क्षेत्रीय संघर्ष और अमेरिकी ठिकानों पर असर

ईरानी अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस क्षेत्र में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ जब आईआरजीसी ने जवाबी कार्रवाई के रूप में मिसाइलें और ड्रोन दागे, तब अमेरिकी सैन्य उपकरणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। उनके दावों के अनुसार इस कार्रवाई में कई तरह के रडार सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, अवाक्स विमान, हवाई ईंधन भरने वाले विमान, और मानवयुक्त तथा मानद रहित लड़ाकू विमान पूरी तरह तबाह हुए हैं। इसके अलावा विमानों के बड़े-बड़े शेल्टर को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। हालांकि, इन सभी दावों और विमानों को गिराए जाने की खबरों की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में उपलब्ध नहीं है और फिलहाल यह सारी जानकारी पूरी तरह से ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर ही आधारित है। इस पूरी घटना के बाद से मध्य पूर्व के हालात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

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