ईरान की सेना ने 30 जुलाई 2026 को बहरीन स्थित अमेरिकी Sheikh Isa Air Base पर ड्रोन हमले का दावा किया है। ईरान का कहना है कि यह हमला उनके पायलट Brigadier General Majid Kazemi की मौत का बदला लेने के लिए किया गया है, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में हुई थी। ईरान के अनुसार, इस हमले में अमेरिकी बेस के बिजली जनरेटर और नेविगेशन सिस्टम को निशाना बनाया गया है।

🚨: Saudi Arabia: क्राउन प्रिंस और सीरियाई राष्ट्रपति के बीच अहम चर्चा, क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर बनी सहमति

क्षेत्र में बढ़ रहा तनाव

इस हमले के बाद खाड़ी के देशों में चिंता का माहौल है। Kuwait के रक्षा मंत्रालय ने भी जानकारी दी है कि ईरान के एक हमले में उनकी एक इमारत को नुकसान पहुंचा है और एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं, Jordan ने ईरान की तरफ से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की पुष्टि की है। इसके अलावा, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी जॉर्डन में अपने बलों पर हुए हमले के जवाब में ईरान के कई ठिकानों पर जवाबी स्ट्राइक की है, जिसमें ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के तीन सदस्यों की मौत की खबर है।

प्रवासियों के लिए जरूरी जानकारी

इस बढ़ते तनाव को देखते हुए EASA और यूके के FCDO ने खाड़ी क्षेत्र के हवाई क्षेत्र के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान सतर्क रहें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। सऊदी अरब और कतर ने भी ईरान की इन हरकतों की निंदा की है। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मीडिया और सरकार द्वारा दी जा रही सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर रखें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.