कुवैत में सुरक्षा हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब उत्तरी कुवैत स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत पर ईरान ने हमला कर दिया। 30 जुलाई 2026 को हुए इस हमले में एक कर्मचारी की जान चली गई और संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना को ईरान की एक ‘जघन्य आक्रामकता’ करार दिया है।
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हमले के बाद की स्थिति और सुरक्षा अलर्ट
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Saud Al-Atwan ने बताया कि कुवैत की सेना फिलहाल हाई अलर्ट पर है। उन्होंने पुष्टि की कि अधिकारी नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इस घटना के अगले दिन, 31 जुलाई 2026 को भी कुवैत की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए कई ड्रोन्स को नष्ट किया, जिन्हें ईरान से जोड़ा गया है।
चीन और ईरान का पक्ष
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Mao Ning ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। चीन ने साफ किया कि इस हमले में किसी भी चीनी नागरिक को चोट नहीं पहुंची है। साथ ही, चीन ने कुवैत से अपने नागरिकों और संस्थाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा है। कुवैत में स्थित Chinese Embassy ने भी सभी चीनी नागरिकों और संस्थानों को सतर्क रहने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की सलाह दी है। दूसरी तरफ, ईरान ने दावा किया कि उनके ड्रोन हमले का निशाना कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने थे, जो कि हाल ही में ईरान पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए किए गए थे।
