ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने तेल अवीव के पास स्थित Ben Gurion Airport पर ड्रोन से हमला किया है। सेना के अनुसार इस हमले का मुख्य उद्देश्य इजरायली सैन्य विमानों के ईंधन भरने यानी रिफ्यूलिंग की प्रक्रिया को रोकना था। 21 मार्च 2026 को हुए इस हमले के बाद इजरायल में नागरिक उड़ानों पर भी काफी असर पड़ा है और सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ गया है।

ईरानी सेना के दावे और एयरपोर्ट की स्थिति

ईरानी सेना की पब्लिक रिलेशंस यूनिट के अनुसार उनके ड्रोन ने एयरपोर्ट पर मौजूद फ्यूल टैंकों और रिफ्यूलिंग जेट्स को निशाना बनाया। इस हमले के बाद एयरपोर्ट के संचालन में बड़ी बाधा आने की बात कही गई है। इजरायल में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले लोगों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

  • इजरायल की El Al, Israir और Arkia जैसी बड़ी एयरलाइंस ने अपनी ज्यादातर फ्लाइट्स मार्च के अंत तक रद्द कर दी हैं
  • हवाई क्षेत्र में पाबंदियों के कारण यात्रियों की संख्या पर भी लिमिट लगा दी गई है
  • ईरान ने इस हमले को ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ का हिस्सा बताया है
  • 18 मार्च को भी ईरान की मिसाइल के मलबे से एयरपोर्ट पर खड़े कुछ विमानों को नुकसान पहुंचा था

इजरायल की चेतावनी और जवाबी कार्रवाई

इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने इस घटना के बाद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को इस हफ्ते और ज्यादा बढ़ाया जाएगा। इजरायली सेना ने भी तेहरान में कुछ ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है।

इसी बीच खबर है कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के Natanz न्यूक्लियर प्लांट पर भी हमला किया है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने बढ़ते तनाव को देखते हुए दोनों पक्षों से सैन्य संयम बरतने की अपील की है। ईरान का कहना है कि जब तक उसके देश के लिए खतरा खत्म नहीं होगा, वह इस तरह के हमले जारी रखेगा। इन घटनाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर भी असर पड़ने की संभावना है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.