क्षेत्रीय तनाव के बीच 19 जुलाई 2026 को ईरान ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़ा ड्रोन हमला किया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ‘ऑपरेशन थंडरबोल्ट’ के 16वें और 17वें चरण के तहत ये हमले कैंप अल अदीरी (जिसे कैंप उदैरी या कैंप बुहरिंग भी कहते हैं) और अली अल सलेम एयरबेस को निशाना बनाकर किए गए। हमलावरों ने अमेरिकी गोला-बारूद डिपो और पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को निशाना बनाया।
कुवैत ने की हमले की पुष्टि
कुवैत की सेना ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोकने का काम किया है। कुवैत सिटी में हमले के दौरान सायरन बजने की आवाजें भी सुनी गईं। कुवैत सरकार ने इस घटना को एक आक्रामक कार्रवाई करार दिया है। गौरतलब है कि जून 2026 में हुआ शांति समझौता विफल होने के बाद से ही क्षेत्र में हालात काफी बिगड़े हुए हैं।
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई जारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी कि 19 जुलाई 2026 को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगातार आठवीं रात सैन्य कार्रवाई की। ये हमले जॉर्डन में हुई घटना के जवाब में किए गए, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी और एक सैनिक लापता हो गया था। अमेरिकी सेना ने ईरान के तटीय निगरानी केंद्रों, एयर डिफेंस सुविधाओं और मिसाइल स्टोरेज साइट्स को निशाना बनाया है।
