Strait of Hormuz में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। 4 मई 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने UAE के एक तेल टैंकर ‘MV Barakah’ पर दो ड्रोन से हमला किया। इस घटना के बाद UAE के साथ-साथ मिस्र, जॉर्डन और GCC देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।
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UAE के तेल टैंकर पर हमले में असल में क्या हुआ?
यह हमला 4 मई 2026 को हुआ जब ADNOC का तेल टैंकर ‘MV Barakah’ Strait of Hormuz से गुजर रहा था। ईरान के दो ड्रोनों ने इस जहाज को निशाना बनाया। गनीमत यह रही कि हमले के समय टैंकर खाली था और किसी भी चालक दल के सदस्य को चोट नहीं आई। UAE की विदेश मंत्रालय (MoFA) ने इस घटना को एक “ईरानी आतंकवादी हमला” करार दिया है और इसे समुद्री डकैती की श्रेणी में रखा है।
किन देशों और संस्थाओं ने इस हमले का विरोध किया?
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी प्रतिक्रियाएं आईं और कई देशों ने ईरान की कड़ी आलोचना की:
- मिस्र: मिस्र के विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। इससे दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई और व्यापार पर बुरा असर पड़ सकता है।
- GCC: GCC के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदईवी ने इसे एक “धोखेबाज़ हमला” बताया और कहा कि यह समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
- जॉर्डन: जॉर्डन ने इस हमले को UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन बताया है।
- UAE: UAE सरकार ने ईरान से मांग की है कि वह इन हमलों को तुरंत रोके और Strait of Hormuz को बिना किसी शर्त के पूरी तरह खोले।
जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिका का नया प्लान क्या है?
तनाव को देखते हुए अमेरिका ने ‘Project Freedom’ नाम की एक नई पहल शुरू की है। इस प्रोजेक्ट का मकसद Strait of Hormuz से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिखाना और उनकी मदद करना है। रिपोर्ट के मुताबिक 4 मई को ही दो कमर्शियल जहाज इस अमेरिकी प्रोजेक्ट की गाइडेंस में उस इलाके से सुरक्षित गुजरे। वहीं UK Maritime Trade Organisation (UKMTO) ने 3 मई को भी एक टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल गिरने की खबर दी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MV Barakah टैंकर किसका था और हमले में क्या नुकसान हुआ?
यह टैंकर अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) का था। हमले के समय टैंकर खाली था और इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ।
इस हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन क्यों माना जा रहा है?
UAE, मिस्र और जॉर्डन का कहना है कि यह UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है, जो समुद्र में जहाजों की आवाजाही की आजादी और सुरक्षा की गारंटी देता है।