पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है क्योंकि ईरान की सेना ने कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों में खतरनाक अर्श-2 ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया है जिससे कुवैत के बिजली घरों को भारी नुकसान पहुँचा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर सख्त रुख अपनाते हुए ईरान को बातचीत करने या परिणाम भुगतने के लिए आखिरी अल्टीमेटम दिया है।

कुवैत और UAE में हमलों से क्या नुकसान हुआ?

ईरान की सेना ने 4 अप्रैल 2026 को कुवैत और UAE में रडार सिस्टम और अमेरिकी कमांड मुख्यालयों को निशाना बनाकर हमले किए। कुवैत के बिजली और पानी मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इन ड्रोन हमलों की वजह से दो बिजली उत्पादन यूनिट बंद हो गई हैं जिससे बिजली सप्लाई पर असर पड़ा है। UAE के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है। ईरान का कहना है कि उसने खास तौर पर रडार और एल्यूमीनियम इंडस्ट्री के पास मौजूद सैन्य ढांचे को निशाना बनाया है।

ट्रंप का अल्टीमेटम और ईरान की सीधी चेतावनी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का समय देते हुए कहा है कि वे या तो समझौता करें या गंभीर परिणाम झेलने के लिए तैयार रहें। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमेरिका ने तेहरान में बड़ी कार्रवाई कर ईरानी सैन्य नेताओं को निशाना बनाया है। वहीं दूसरी ओर, ईरान के जनरल अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने ईरान पर हमला किया, तो पूरे पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर लगातार और विनाशकारी हमले किए जाएंगे। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ रहा है।

तारीख मुख्य घटना असर
4 अप्रैल 2026 ईरान का ड्रोन हमला UAE और कुवैत में सैन्य ठिकाने प्रभावित
4 अप्रैल 2026 US F-15 जेट गिरा ईरान के ऊपर विमान गिराया गया
5 अप्रैल 2026 बिजली सप्लाई ठप कुवैत की 2 बड़ी यूनिट बंद हुई
6 अप्रैल 2026 ट्रंप की डेडलाइन हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर तनाव की संभावना