ईरान ने बहरीन में मौजूद अमेरिका के शेख ईसा एयर बेस (Sheikh Isa Air Base) पर ड्रोन और मिसाइलों से जोरदार हमला किया है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और IRNA न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह हमला अमेरिकी सेना के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया गया. यह पूरी कार्रवाई रणनीतिक तरीके से अंजाम दी गई.
ईरान ने इस हमले की वजह बताते हुए कहा कि दक्षिणी ईरान में सैन्य और नागरिक इलाकों पर अमेरिकी हमले हुए थे. साथ ही, ईरान का दावा है कि अमेरिका ने एक समझौते (MoU) के आर्टिकल 14 का उल्लंघन किया, जिसके जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई.
IRGC Naval Forces ने इस ऑपरेशन में आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
- हमले के लिए 20 Shahed-136 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.
- ड्रोन के साथ-साथ 3 बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी गईं.
- इस हमले में एयर बेस के मुख्य कमांड हेडक्वार्टर की बिल्डिंग पूरी तरह तबाह हो गई.
- बेस के फ्यूल स्टोरेज टैंकों में भीषण आग लग गई, जिससे आसमान में भारी धुआं और लपटें देखी गईं.
क्षेत्रीय जानकारों और observers के अनुसार, यह हमला खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़े जवाबी हमले का हिस्सा था. यह कार्रवाई अमेरिका के खिलाफ ईरान की सख्त रणनीति को दर्शाती है.
