मध्य पूर्व में 14 जुलाई 2026 को तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान ने खाड़ी के कई देशों में एक साथ ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं। इस हमले की चपेट में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, यूएई और जॉर्डन जैसे देश आए हैं। इन हमलों के कारण आम लोगों और प्रवासियों के बीच काफी दहशत का माहौल है।
ℹ: Saudi Arabia पर हूती विद्रोहियों का मिसाइल हमला, अबहा एयरपोर्ट को बनाया निशाना।
UAE में भारतीय की मौत और हमलों का ब्यौरा
United Arab Emirates (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि ओमान की समुद्री सीमा में उनके दो टैंकरों को ईरानी क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया गया। इस दर्दनाक घटना में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई है, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। यूएई ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है और देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
विभिन्न देशों का हाल
Jordan की सेना ने बताया कि उन्होंने ईरान की ओर से आई चार मिसाइलों को बीच हवा में ही मार गिराया। वहीं Bahrain ने भी ईरानी हवाई हमलों को रोकने का दावा किया है, हालांकि ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने बहरीन में रडार और निगरानी प्रणालियों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। इसके अलावा Kuwait में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की खबरें हैं और Qatar में मलबे गिरने से तीन लोग घायल हुए हैं।
ब्लॉक और सैन्य प्रतिक्रिया
अमेरिकी सेना ने Strait of Hormuz में फिर से नाकेबंदी करने का ऐलान किया है। इससे पहले US Central Command (CENTCOM) ने 13 जुलाई को ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे ताकि उनके ड्रोन हमलों की क्षमता को कम किया जा सके। ईरान का कहना है कि उन्होंने ओमान की खाड़ी में चेतावनी न मानने वाले दो सुपरटैंकरों को भी निशाना बनाया है। ओमान ने स्थिति को देखते हुए पहले ही ईरान के राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया था।
