कुवैत की सुरक्षा व्यवस्था को निशाना बनाते हुए ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं। 28 मई 2026 को हुए इस हमले को कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते हवा में ही रोक दिया। इस हमले के बाद खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) समेत तमाम अरब देशों ने ईरान की इस हरकत की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।

कुवैत पर हुए हमले और सैन्य कार्रवाई की पूरी जानकारी

कुवैत की सेना ने जानकारी दी कि 28 मई 2026 को उनके एयर डिफेंस ने देश की सीमा में घुस रहे मिसाइल और ड्रोन खतरों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी इस बात की पुष्टि की है कि कुवैत ने एक ईरानी मिसाइल को हवा में ही मार गिराया।

अमेरिकी सेना के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिकी बलों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के पांच ड्रोन मार गिराए थे। इसके कुछ ही घंटों बाद ईरान ने कुवैत पर मिसाइल दाग दी। वहीं दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास अमेरिकी हवाई हमले के जवाब में कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था।

खाड़ी देशों और अमेरिका ने जताई कड़ी आपत्ति

  • जीसीसी (GCC) के महासचिव: जसीम मोहम्मद अलबुदैवी ने इस हमले को आपराधिक कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सीधा उल्लंघन है। जीसीसी देश कुवैत की सुरक्षा के लिए पूरी तरह उसके साथ खड़े हैं।
  • कुवैत विदेश मंत्रालय: मंत्रालय ने कहा कि यह हमला कुवैत की संप्रभुता पर सीधा प्रहार है। उन्होंने ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की और कहा कि कुवैत अपनी रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखता है।
  • यूएई और कतर का रुख: यूएई और कतर के विदेश मंत्रालयों ने भी अलग-अलग बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की और कुवैत के साथ अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त की।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत पर ईरान ने कब और किस तरह का हमला किया था?

ईरान ने 28 मई 2026 को कुवैत की तरफ ड्रोन और मिसाइलें दागीं, जिन्हें कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया।

इस हमले पर खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) का क्या कहना है?

GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अलबुदैवी ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए कुवैत को अपना पूरा समर्थन देने की बात कही है।