ईरान की सेना ने 17 जुलाई 2026 को बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए हैं। इस हमले को ईरान ने ‘ऑपरेशन लाइटनिंग’ या ‘सघेह’ का 11वां चरण बताया है। ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई उनके देश में आम लोगों की बुनियादी सुविधाओं पर हुए अमेरिकी हमलों का जवाब है, जिसमें कथित तौर पर तीन लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए हैं।
हमले का लक्ष्य और मौजूदा स्थिति
ईरानी सेना के अनुसार, उन्होंने अराश ड्रोन का इस्तेमाल करके बहरीन के सखीर बेस पर तैनात अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टरों और P-8 टोही विमानों को निशाना बनाया है। इससे पहले 14 जुलाई को भी ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाने का दावा किया था। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी हमलों में पिछले एक हफ्ते में 30 से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है और 260 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा सात ईरानी सैनिकों के मारे जाने की भी खबर है।
बहरीन का आधिकारिक बयान
बहरीन के जनरल कमांड ऑफ डिफेंस फोर्स ने 16 जुलाई 2026 को पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से आए कई ड्रोन्स को हवा में ही नष्ट कर दिया। बहरीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोलफ़गारी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।
