ईरान में पिछले कई महीनों से चल रहे युद्ध और तनाव के कारण बिजनेस पूरी तरह चौपट हो गए हैं। लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि महंगाई आसमान छू रही है और इंटरनेट बंद होने से ऑनलाइन काम रुक गया है। अब हालात इतने खराब हैं कि कई छोटे-बड़े बिजनेस बंद होने की कगार पर हैं और लोग अपनी नौकरियां खो रहे हैं।
ईरान के बिजनेस और लोगों पर क्या असर पड़ा है?
ईरान में 8 जनवरी 2026 से इंटरनेट पर कड़ी पाबंदी लगाई गई थी, जिसका असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट की होली डाग्रेस के मुताबिक, करीब 11 मिलियन लोग ऑनलाइन बिजनेस कर रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की थी, अब उनका काम पूरी तरह ठप हो गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश के 3 करोड़ वर्कफोर्स में से 20% लोग इंटरनेट बंद होने की वजह से प्रभावित हुए हैं।
- नेल और मैनीक्योर सर्विस जैसे छोटे बिजनेस बंद हो रहे हैं।
- कैबिनेट बनाने वाले और इंडस्ट्रियल फर्म्स ने कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है।
- राइड-हेलिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स अब बहुत कम काम कर पा रहे हैं।
- पोर्ट ऑपरेशंस में भी भारी गिरावट आई है।
ईरान की अर्थव्यवस्था के डराने वाले आंकड़े
ईरान की आर्थिक स्थिति इस समय बहुत नाजुक है। अमेरिकी प्रतिबंधों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से व्यापार पूरी तरह प्रभावित हुआ है। नीचे दी गई टेबल से आप स्थिति की गंभीरता समझ सकते हैं:
| विवरण | आंकड़ा / जानकारी |
|---|---|
| सालाना महंगाई दर | 53.7% |
| खाद्य महंगाई (Food Inflation) | 115% से ज्यादा |
| ब्लॉकैड से रोजाना नुकसान | 450 मिलियन डॉलर |
| महीने का कुल नुकसान | 12 से 15 बिलियन डॉलर |
| देश की कुल GDP | 350 से 400 बिलियन डॉलर |
| वर्कफोर्स पर असर | 20% लोग प्रभावित |
| हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की तारीख | 28 फरवरी 2026 |
सरकार और अमेरिका के बीच क्या चल रहा है?
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका को अपने फैसलों के आर्थिक नतीजे भुगतने होंगे, जिससे अमेरिका का कर्ज और मॉर्गेज रेट बढ़ेंगे। दूसरी तरफ, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ कैंपेन जारी रखा है ताकि ईरान को हथियारों के लिए पैसा न मिल सके। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह उन चीनी कंपनियों पर से प्रतिबंध हटाने पर विचार कर सकते हैं जो ईरान से तेल खरीदती हैं, लेकिन अभी इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
ईरान के कृषि जिहाद मंत्रालय ने 15 मई 2026 को चावल और तेल के आयात के लिए नए नियम लागू किए हैं ताकि खाने-पीने की चीजों की कमी को दूर किया जा सके और कीमतों को बढ़ने से रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान में इंटरनेट बंद होने से कितना नुकसान हुआ है?
इंटरनेट बंद होने से ईरान की डिजिटल इकोनॉमी लगभग खत्म हो गई है। देश की 20% वर्कफोर्स और करीब 11 मिलियन ऑनलाइन बिजनेस चलाने वाले लोग इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
ईरान में महंगाई की क्या स्थिति है?
ईरान की सालाना महंगाई दर 53.7% तक पहुँच गई है, जबकि खाने-पीने की चीजों की महंगाई 115% के पार निकल गई है, जिससे आम लोगों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
