ईरान की अर्थव्यवस्था इन दिनों भारी संकट से जूझ रही है और देश में नकदी की भारी कमी देखी जा रही है। 29 जुलाई 2026 को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बताया कि ईरान में महंगाई दर तेजी से बढ़ रही है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि ईरान की गलत नीतियों के कारण वहां की करेंसी रियाल अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है और लोगों के लिए जीवन यापन करना कठिन होता जा रहा है।

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महंगाई और बदहाली से जूझता ईरान

ईरान के हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 25 जुलाई 2026 तक वहां उपभोक्ता कीमतों में पिछले साल के मुकाबले 89% तक का उछाल आया है। तेहरान के बाजार में 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 19 लाख रियाल तक पहुंच गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में महंगाई दर 88.6% रही, जबकि ईरान के अर्थशास्त्री Masoud Nili ने चेतावनी दी है कि देश अब हाइपरइन्फ्लेशन यानी अनियंत्रित महंगाई के मुहाने पर खड़ा है।

OFAC की नई कार्रवाई

अमेरिकी ट्रेजरी के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने 29 जुलाई 2026 को ईरान पर नई पाबंदियां लगाई हैं। ये कदम ईरान के उस नेटवर्क को तोड़ने के लिए उठाए गए हैं जो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए अवैध कमाई कर रहा था। इन पाबंदियों का सीधा निशाना उन कंपनियों और जहाजों पर है जो IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की मदद से ईरान की गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने की कोशिश कर रहे थे। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वे ईरान की वित्तीय कमर तोड़ने के लिए लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com