ईरान के आम लोग इस समय बहुत बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहे हैं। वहां खाने-पीने की चीजों की कीमतें इतनी तेजी से बढ़ी हैं कि लोगों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो गया है। अमेरिका द्वारा लगाई गई समुद्री नाकाबंदी की वजह से ईरान की करेंसी गिर गई है और महंगाई आसमान छू रही है। लोग अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

ईरान में महंगाई और खाने के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?

ईरान में आर्थिक संकट की सबसे बड़ी वजह 13 अप्रैल 2026 से लागू अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी है। इस वजह से ईरान के बंदरगाहों पर दबाव बढ़ा है और सामान की कमी हो गई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने खुद माना है कि देश में महंगाई और सामान की किल्लत रहेगी। तेल निर्यात में गिरावट और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान ने स्थिति को और खराब कर दिया है।

आंकड़ों के मुताबिक, ईरान में महंगाई की स्थिति काफी चिंताजनक है। नीचे दी गई टेबल से आप समझ सकते हैं कि वहां हालात कितने गंभीर हैं:

विवरण डेटा/स्थिति
मुख्य उपभोक्ता महंगाई (Headline Inflation) 62.2%
खाद्य महंगाई (Food Inflation) 99% से 115% के बीच
नाकाबंदी की शुरुआत 13 अप्रैल 2026
मोड़े गए कमर्शियल जहाज 84 जहाज
बंद किए गए जहाज 4 जहाज

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने वाला है?

19 मई 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले एक बड़े सैन्य हमले को टाल दिया। उन्होंने बताया कि कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देशों ने उनसे यह अनुरोध किया था। इन देशों का मानना है कि अभी बातचीत चल रही है और एक ऐसा समझौता हो सकता है जो अमेरिका और मिडिल ईस्ट के लिए सही हो। ट्रंप ने साफ किया है कि इस डील में ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। हालांकि, उन्होंने सेना को तैयार रहने का निर्देश दिया है कि अगर बातचीत फेल हुई तो बड़े पैमाने पर हमला किया जाएगा।

दूसरी तरफ, ईरान ने अपनी शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि युद्ध पूरी तरह खत्म हो, अमेरिकी नाकाबंदी हटे, सभी प्रतिबंध हटाए जाएं और उनके फ्रीज किए गए पैसे वापस मिलें। खबर है कि अमेरिका बातचीत के दौरान तेल प्रतिबंधों में कुछ अस्थायी छूट दे सकता है।

दुनिया और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर होगा?

इस तनाव का असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के डायरेक्टर फेथ बिरोल ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई बहुत कम हो गई है। ईरान युद्ध की वजह से खाद (fertilizer) की कमी होगी, जिससे पूरी दुनिया में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं।

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान अभी भी इस रणनीतिक रास्ते पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है।
  • नई अथॉरिटी: ईरान ने ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ बनाई है जो इस जलमार्ग की पल-पल की जानकारी देगी।
  • खाड़ी देश: सऊदी और यूएई जैसे देश शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं ताकि व्यापार और अर्थव्यवस्था पर बुरा असर न पड़े।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में खाद्य महंगाई कितनी बढ़ गई है?

ताजा आंकड़ों के अनुसार, ईरान में खाद्य महंगाई 99% से 115% के बीच पहुंच गई है, जिससे आम जनता के लिए खाना खरीदना मुश्किल हो गया है।

अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों नहीं किया?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर, सऊदी अरब और यूएई की अपील पर हमला टाल दिया क्योंकि अभी दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.