अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे युद्ध ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ दी है। देश में संकट इतना गहरा गया है कि लाखों लोग अपनी नौकरियां खो चुके हैं और खाने-पीने की चीज़ों के दाम बहुत तेज़ी से बढ़ रहे हैं। आम जनता और मध्यम वर्ग के लिए बुनियादी ज़रूरतें पूरी करना अब मुश्किल होता जा रहा है।
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ईरान में नौकरियों और उद्योगों का क्या हाल है?
ईरान के Deputy Work and Social Security Minister Gholamhossein Mohammadi ने बताया कि युद्ध की वजह से सीधे तौर पर करीब 10 लाख नौकरियां खत्म हो गई हैं। एक्सपर्ट Hadi Kahalzadeh के मुताबिक, देश के वर्कफोर्स का लगभग आधा हिस्सा यानी 1 करोड़ से 1.2 करोड़ नौकरियां खतरे में हैं। हवाई हमलों ने करीब 20,000 फैक्ट्रियों को नुकसान पहुंचाया है, जो देश की कुल उत्पादन क्षमता का 20% है। इस वजह से स्टील, पेट्रोकेमिकल्स और दवाओं जैसे बड़े उद्योग पूरी तरह ठप हो गए हैं।
महंगाई और आर्थिक गिरावट के आंकड़े क्या कहते हैं?
देश में महंगाई इतनी बढ़ गई है कि कम आय वाले परिवार, जो अपनी कमाई का 45% हिस्सा खाने पर खर्च करते हैं, सबसे ज़्यादा परेशान हैं। IMF ने अनुमान लगाया है कि इस साल ईरान की अर्थव्यवस्था में 6.1% की गिरावट आएगी।
| विवरण (Item/Indicator) | बढ़ोतरी या प्रभाव (Value/Increase) |
|---|---|
| चिकन की कीमत | 75% बढ़ोतरी |
| बीफ और लैम्ब (मांस) | 68% बढ़ोतरी |
| मासिक महंगाई (Monthly Inflation) | 7% |
| कुल महंगाई दर (Point-to-Point) | 67% से 72% |
| अर्थव्यवस्था में गिरावट (IMF) | 6.1% |
| ग्लोबल एनर्जी कीमतें (World Bank) | 24% बढ़ोतरी |
| ग्लोबल फर्टिलाइजर कीमतें (World Bank) | 31% बढ़ोतरी |
सरकार ने क्या कदम उठाए और दुनिया पर क्या असर पड़ा?
संकट से निपटने के लिए सरकार ने National Development Fund से 1 अरब डॉलर निकाले हैं ताकि चीनी, चावल और मांस जैसे ज़रूरी सामान आयात किए जा सकें। छोटे कारोबारियों के लिए 300 डॉलर प्रति वर्कर के लोन की स्कीम शुरू की गई है, लेकिन इसमें ब्याज दरें बहुत ज़्यादा हैं।
वहीं, पिछले 3 महीनों से इंटरनेट बंद होने की वजह से डिजिटल अर्थव्यवस्था रुक गई है, जिससे रोज़ाना 3 करोड़ से 8 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है। Strait of Hormuz में ईरान की नाकेबंदी से ग्लोबल शिपिंग ठप हो गई है, जिसका असर पूरी दुनिया में तेल और खाद की कीमतों पर पड़ा है। GCC देशों ने ईरान की इन हरकतों का कड़ा विरोध किया है और सुरक्षा बढ़ाने की बात कही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान में खाने-पीने की चीज़ों के दाम कितने बढ़े हैं?
ईरान में चिकन की कीमतों में 75% और बीफ व लैम्ब के दामों में 68% की बढ़ोतरी हुई है। कुल महंगाई दर 67% से 72% के बीच पहुंच गई है।
UNDP और World Bank ने क्या चेतावनी दी है?
UNDP ने चेतावनी दी है कि करीब 41 लाख लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं। World Bank के अनुसार, युद्ध की वजह से ग्लोबल एनर्जी कीमतों में 24% और खाद की कीमतों में 31% की वृद्धि हो सकती है।