ईरान में चल रहे युद्ध ने वहां की आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया है। International Monetary Fund (IMF) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि साल 2026 तक ईरान की GDP में 6.1% की बड़ी गिरावट आ सकती है। जनवरी 2026 में यह अनुमान था कि अर्थव्यवस्था 1.1% बढ़ेगी, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं।

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युद्ध का ईरान की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

IMF के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध ने विकास की रफ्तार को रोक दिया है। इस संघर्ष में ईरान के 72 ऊर्जा केंद्रों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से एक तिहाई केंद्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे तेल और गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ा है और शिपिंग रूट, खासकर Strait of Hormuz में बड़ी बाधाएं आई हैं।

IMF की रिपोर्ट में और क्या बातें कही गईं?

IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर Kristalina Georgieva ने बताया कि युद्ध की वजह से दुनिया की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। इसी वजह से IMF ने वैश्विक विकास दर का अनुमान घटाकर 3.1% कर दिया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि युद्ध से प्रभावित देशों को 20 अरब डॉलर से 50 अरब डॉलर तक की आर्थिक सहायता की ज़रूरत पड़ सकती है।

ईरान की आर्थिक स्थिति में आए बदलाव

विवरण पुराना अनुमान (जनवरी 2026) नया अनुमान (अप्रैल 2026)
GDP ग्रोथ रेट 1.1% बढ़त 6.1% गिरावट
ग्लोबल ग्रोथ रेट 3.1%
क्षतिग्रस्त ऊर्जा केंद्र 72 केंद्र
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.