ईरान और मिस्र के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बड़ी बातचीत हुई है। 10 मई 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty को फोन किया। इस बातचीत का मुख्य मकसद उस क्षेत्रीय जंग को रोकना है जो फरवरी 2026 में अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद शुरू हुई थी। इस मामले में पाकिस्तान और कतर भी बीच-बचाव कर रहे हैं।

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ईरान और मिस्र की बातचीत में क्या तय हुआ?

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने इलाके में शांति लाने और अमेरिका के साथ चल रही बातचीत पर चर्चा की। इस दौरान कुछ अहम बातें सामने आईं:

  • सैन्य मौजूदगी: ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मिस्र की सेना की मौजूदगी को मंजूरी दे दी है, लेकिन शर्त यह है कि यह अमेरिकी या इसराइली हितों के लिए काम न करे।
  • रिश्तों में सुधार: ईरान चाहता है कि युद्ध के बाद अरब देशों के साथ उसके रिश्ते बेहतर हों और इसमें मिस्र की भूमिका अहम होगी।
  • मिस्र का स्टैंड: मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty लगातार युद्ध रोकने और बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की बात कह रहे हैं।

अमेरिका का क्या कहना है और ट्रंप ने क्या धमकी दी?

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को अपना जवाब भेजा है, जिसमें युद्ध खत्म करने की बात कही गई है। हालांकि, इस पर अमेरिका की प्रतिक्रिया काफी सख्त रही है:

  • ट्रंप का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के जवाब को पूरी तरह से नाकाबूल बताया है।
  • बमबारी की चेतावनी: ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz को खोलने और अपने परमाणु कार्यक्रम को वापस लेने पर सहमति नहीं जताई, तो अमेरिका फिर से बड़े पैमाने पर बमबारी शुरू कर देगा।
  • ईरान की शर्त: ईरान चाहता है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध बंद हो और उसे भविष्य में हमलों से सुरक्षा की गारंटी मिले।

यूरोपीय संघ ने ईरान की हरकतों पर जताई नाराजगी

एक तरफ शांति की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान की आलोचना की है। EU ने बयान जारी कर कहा कि ईरान ने खाड़ी देशों, खासकर UAE और ओमान पर बिना वजह मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यूरोपीय संघ ने इन हमलों को तुरंत रोकने और दूसरे देशों की सीमा का सम्मान करने की मांग की है। साथ ही EU ने कहा है कि वह शांति लाने के लिए किसी भी राजनयिक कोशिश में मदद करने को तैयार है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और मिस्र के संबंधों की वर्तमान स्थिति क्या है?

ईरान और मिस्र ने फरवरी 2026 में अपने राजनयिक संबंधों को पूरी तरह बहाल करने का फैसला किया था, जिससे दशकों पुराने तनाव के बाद दोनों देशों के बीच नए रिश्ते शुरू हुए हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में मुख्य रुकावट क्या है?

मुख्य विवाद Strait of Hormuz को खोलने, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध बंद करने की शर्तों को लेकर है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.