ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब काफी बढ़ गया है। इसी बीच 24 जुलाई 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता लाने के रास्तों पर चर्चा की। इस बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों और तेहरान व वॉशिंगटन के बीच चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया को लेकर भी बात हुई ताकि क्षेत्र में हालात सामान्य हो सकें।
तनाव के बीच ईरान का कड़ा रुख
क्षेत्र में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। ईरान की सेना ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले करने का दावा किया है। इनमें Bahrain स्थित एक Amazon डेटा सेंटर भी शामिल है। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने लगातार 13वीं रात ईरान के ठिकानों पर हमले किए हैं। खबरें हैं कि राष्ट्रपति Donald Trump एक बड़े हमले की योजना बना रहे हैं। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ कहा है कि जो देश अमेरिका की मदद करेगा, उसे ईरान जवाब देगा। साथ ही, ईरान ने जोर दिया है कि वह तब तक युद्धविराम नहीं करेगा जब तक Strait of Hormuz से जुड़ी उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल
इस बीच मिस्र के विदेश मंत्री ने फिलीपींस में ASEAN बैठक के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि विवादों को कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के जरिए सुलझाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी Volker Turk ने भी चिंता जताई है कि संघर्ष के कारण करीब 6,000 नाविक होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने भी ईरान से शांति बनाए रखने की अपील की है।
