अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत बड़ी कूटनीतिक कोशिश शुरू हो गई है। ईरान और मिस्र के अधिकारियों के बीच इस युद्ध को रोकने के लिए बातचीत चल रही है। इस समझौते को कराने के लिए पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और कतर जैसे देश लगातार मध्यस्थता कर रहे हैं। ईरान एक 14 सूत्रीय समझौते का मसौदा तैयार कर रहा है जिससे क्षेत्र में शांति आ सके। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस समझौते को लेकर विचार कर रहे हैं और जल्द ही कोई बड़ा फैसला आ सकता है।

क्या है ईरान का 14 सूत्रीय प्लान और उसकी मुख्य मांगें

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने बताया है कि एक समझौते का मसौदा लगभग तैयार होने वाला है। इस समझौते में ईरान की कुछ मुख्य मांगें शामिल हैं।

  • युद्ध को पूरी तरह रोकना: ईरान चाहता है कि लेबनान सहित सभी क्षेत्रों में युद्ध को तुरंत रोका जाए।
  • नौसैनिक नाकेबंदी हटाना: अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह हटाया जाए।
  • परमाणु मुद्दा अलग रखना: ईरान का कहना है कि परमाणु कार्यक्रम पर अलग से बातचीत होगी और इसे इस युद्ध विराम समझौते का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा।

ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया, तो ईरान की तरफ से और भी करारा जवाब दिया जाएगा।

मध्यस्थता में कौन से देश हैं शामिल और क्या है अमेरिका का रुख

इस पूरे मामले में कई देश मिलकर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी ने पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से युद्ध रोकने की अपील की थी।

  • पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने हाल ही में तेहरान का दौरा किया और ईरानी अधिकारियों के साथ बहुत ही सकारात्मक बातचीत की है।
  • अमेरिका की शर्तें: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि बातचीत में थोड़ी प्रगति हुई है। अमेरिका की मांग है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी टैक्स के खुला रखा जाना चाहिए और ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम सौंपना होगा।
  • ट्रंप का फैसला: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय दो विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, पहला ईरान के साथ समझौता करना और दूसरा दोबारा सैन्य हमले शुरू करना।

इसराइल का क्या है कहना और क्या है जमीनी हकीकत

इस संभावित समझौते को लेकर इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू काफी चिंतित बताए जा रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करें। जमीनी हकीकत की बात करें तो लेबनान में संघर्ष विराम की कोशिशों के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमले लगातार जारी हैं, जिसमें आम लोगों को नुकसान पहुंच रहा है। मध्यस्थों को उम्मीद है कि जल्द ही 60 दिनों के युद्ध विराम पर सहमति बन जाएगी, जिसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को धीरे-धीरे खोल दिया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और मिस्र के बीच क्या बातचीत चल रही है?

ईरान और मिस्र अमेरिका-इसराइल युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। ईरान इसके लिए एक 14 सूत्रीय समझौते का मसौदा तैयार कर रहा है जिसमें युद्ध रोकना और समुद्री नाकेबंदी हटाना शामिल है।

इस समझौते पर अमेरिका की क्या शर्तें हैं?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अनुसार, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना टैक्स के खुला रखना होगा और ईरान को अपना संवर्धित यूरेनियम सौंपना होगा।

क्या इस समझौते में परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा भी शामिल है?

नहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार परमाणु मुद्दे पर अलग से बातचीत की जाएगी और इसे वर्तमान युद्ध विराम समझौते का हिस्सा नहीं बनाया गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.