ईरान में चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच बिजली का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। युद्ध के कारण देश के कई पावर प्लांटों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे बचने के लिए सरकार अब ब्लैकआउट टालने के रास्ते तलाश रही है। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने इस बात की पुष्टि की है कि कुछ बिजली संयंत्र वर्तमान में औद्योगिक उत्पादन की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं, जिसके कारण राष्ट्रीय ग्रिड से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ऊर्जा के उचित उपयोग और इसके संरक्षण पर विशेष जोर दिया है।
पावर प्लांटों को पहुंचा भारी नुकसान और ऊर्जा बचाने की अपील
ईरान के भीतर बुनियादी ढांचे को इस संघर्ष में काफी नुकसान पहुंचा है। इससे पहले मार्च 2026 में आई रिपोर्टों के अनुसार, अकेले तेहरान प्रांत के बिजली नेटवर्क में करीब 89 पावर स्टेशनों को हवाई हमलों और गोलाबारी से नुकसान पहुंचा था। देश के तेल मंत्री ने भी हाल ही में नागरिकों से ईंधन की खपत को सीमित करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने जनता से बिजली बचाने की अपील करते हुए विरोधियों पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने और आर्थिक नाकेबंदी लागू करने का आरोप लगाया है।
इंटरनेट ब्लैकआउट और अमेरिका के साथ बढ़ता तनाव
ईरान में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लगाया गया इंटरनेट ब्लैकआउट 22 मई 2026 तक 84 दिनों से लगातार जारी रहा, जो कि 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ताकारों को निर्देश दिया है कि वे ईरान के साथ किसी समझौते में जल्दबाजी न करें और कहा कि जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नाकेबंदी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता। वहीं भारतीय स्थित ईरानी दूतावास ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो पर वैश्विक ऊर्जा बाजारों और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वास्तविकता को बिगाड़ने का आरोप लगाया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान में बिजली संकट का मुख्य कारण क्या है?
जंग के दौरान हवाई हमलों और गोलाबारी में ईरान के महत्वपूर्ण पावर प्लांटों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे बिजली उत्पादन ठप हो गया है और ब्लैकआउट का खतरा पैदा हो गया है।
ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट कब से लागू है?
सुरक्षा कारणों और अमेरिका-इसराइल के साथ चल रहे संघर्ष के मद्देनजर ईरान में 28 फरवरी 2026 से इंटरनेट ब्लैकआउट लागू है, जो लगातार जारी है।