ईरान इस समय भीषण गर्मी और युद्ध के कारण गंभीर बिजली संकट से जूझ रहा है। बिजली की मांग और सप्लाई के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे देश में बड़े ब्लैकआउट का खतरा मंडरा रहा है। 28 फरवरी 2026 से जारी युद्ध की वजह से देश की आर्थिक स्थिति और बुनियादी ढांचा बेहद कमजोर हो चुके हैं, जिसके कारण सरकार के पास विकल्प सीमित हैं और अब बाहरी देशों से ईंधन आयात करने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिजली की भारी किल्लत और ब्लैकआउट की चेतावनी
18 मई 2026 को ईरान के पावर प्लांट एसोसिएशन के प्रमुख ने अनुमान जताया कि देश में इस साल लगभग 25,000 मेगावाट बिजली की कमी हो सकती है। यह आंकड़ा ईरान की कुल राष्ट्रीय खपत का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। अधिकारियों ने जनता को पहले ही आने वाले समय में होने वाली कटौती के बारे में सचेत करना शुरू कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने भी 28 मई 2026 को बताया कि ईरान ने अपने नागरिकों से बिजली बचाने की अपील की है।
हालांकि, ईरान के ऊर्जा मंत्री अब्बास अलियाबादी ने मई 2026 में दावा किया था कि देश में बिजली उत्पादन की कोई कमी नहीं है और उन्होंने लोगों से बिजली बचाने के लिए 25 डिग्री एकजुटता का समझौता अभियान शुरू किया था। इसके उलट, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने अप्रैल 2026 में देश में ऊर्जा और ईंधन की कमी की बात स्वीकार की थी और जनता से सहयोग की मांग की थी।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही तेल की कीमतें और क्षेत्रीय तनाव
ईरान के इस संकट और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर उसके नियंत्रण का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते होने वाली तेल की आवाजाही बाधित होने से वैश्विक बाजार से हर दिन लगभग 1.4 करोड़ बैरल कच्चा तेल कम हो गया है। इसके कारण साल 2026 में अब तक बाजार को 1 अरब बैरल से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अनुसार, इस संकट के बाद से ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे कई देशों में महंगाई बढ़ रही है।
इसके अलावा, 3 जून 2026 को कुवैत ने अपने मुख्य हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था, जिसे ईरानी ड्रोनों द्वारा नुकसान पहुंचाने की खबरें आई थीं। तनाव के कारण खाड़ी देशों में व्यापारिक मार्ग और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर विवाद और आर्थिक राहत की मांगों को लेकर अमेरिका के साथ चल रही बातचीत को भी स्थगित कर दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान में बिजली की कुल कितनी कमी होने का अनुमान है?
ईरान में साल 2026 के लिए लगभग 25,000 मेगावाट बिजली की कमी का अनुमान लगाया गया है, जो कि देश की कुल खपत का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने का वैश्विक बाजार पर क्या असर पड़ा है?
इसके कारण वैश्विक बाजार से रोजाना लगभग 1.4 करोड़ बैरल तेल बाहर हो गया है, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतें और महंगाई बढ़ी हैं।
