ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने 17 जुलाई 2026 को सभी नागरिकों से बिजली की खपत कम करने की अपील की है। दक्षिणी प्रांतों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे चिलचिलाती गर्मी के बावजूद पीक घंटों के दौरान एक घंटे के लिए एयर कंडीशनर बंद रखें। मंत्रालय ने पहली बार स्वीकार किया है कि देश के पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले हुए हैं, जिससे बिजली उत्पादन क्षमता में 4,800 मेगावाट की भारी कमी आई है।
लगातार हमलों से बढ़ी तबाही
अमेरिकी सेना की ओर से लगातार छठे दिन सैन्य अभियान जारी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों में ईरान के सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम, लॉजिस्टिक्स और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हालिया हमलों में अब तक 38 लोगों की मौत हुई है और 400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमलों के कारण ईरान के चाबहार पोर्ट पर एक टावर ढह गया और कई पुलों व रेलवे स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा है।
तनाव के बीच आगे की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि बातचीत शुरू नहीं हुई, तो अगले हफ्ते ईरान के पावर प्लांट और पुलों को और निशाना बनाया जाएगा। इस तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शिपिंग ट्रैफिक लगभग रुक गया है। दूसरी ओर, ईरान ने सीरिया, बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सुविधाओं पर जवाबी हमले करने का दावा किया है। ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमनिया ने साफ किया है कि ईरान अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
