दुनियाभर में मौजूद ईरानी दूतावासों ने सोशल मीडिया पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मज़ाक उड़ाना शुरू कर दिया है। यह सोशल मीडिया वॉर तब और तेज़ हो गया जब ट्रंप ने ईरान को धमकियां दी थीं। 23 मई 2026 को एक ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अनोखा एक्स-रे विजुअल शेयर किया, जिसमें इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को ट्रंप के दिमाग को चलाते हुए दिखाया गया है। इस सोशल मीडिया कैंपेन को लेकर अब वैश्विक स्तर पर काफी चर्चा हो रही है।

ईरानी दूतावासों ने ट्रंप को लेकर सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया?

ईरान के कई दूतावासों ने मिलकर सोशल मीडिया पर एक खास अभियान चलाया हुआ है। इसमें ज़िम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, यूनाइटेड किंगडम, भारत, ताजिकिस्तान, ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, थाईलैंड और घाना में स्थित ईरानी मिशन शामिल हैं। 23 मई 2026 को एक ईरानी दूतावास ने एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें नेतन्याहू को डोनाल्ड ट्रंप के दिमाग के पहिए को नियंत्रित करते हुए दिखाया गया है। कुछ राजनयिक मिशनों ने ट्रंप की भाषा की आलोचना करते हुए कहा कि उनके बयानों पर 18+ की चेतावनी होनी चाहिए। इसके साथ ही ईरान ने याद दिलाया कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना एक युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।

अप्रैल 2026 से ही बंद है दोनों देशों के बीच बातचीत

तनाव की शुरुआत अप्रैल 2026 में हुई थी जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बुनियादी ढांचे पर हमले की चेतावनी दी थी और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद ईरान ने अमेरिका के साथ सभी राजनयिक और अप्रत्यक्ष संचार माध्यमों को निलंबित कर दिया। अमेरिकी व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया कि वे मीडिया चैनलों के जरिए ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं करेंगे। चैथम हाउस की रिसर्च के अनुसार, साल 1980 के बाद से दोनों देशों के बीच सीधे संपर्क की कमी के कारण सोशल मीडिया ही राजनयिक बातचीत का एक बड़ा जरिया बन गया है।

ताजा विवाद और शांति वार्ताओं पर दोनों देशों का रुख

23 मई 2026 को सामने आए अपडेट्स के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने बयान दिया है कि वाशिंगटन की अत्यधिक मांगें शांति वार्ता की राह में सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच का यह विवाद बहुत जल्द ही खत्म हो जाएगा। ईरानी दूतावास लगातार सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके अमेरिका और इसराइल के इस नैरेटिव को चुनौती दे रहे हैं कि तेहरान का नेतृत्व कमजोर पड़ चुका है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरानी दूतावासों ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ अभियान कब शुरू किया?

यह अभियान मुख्य रूप से अप्रैल 2026 में ट्रंप की धमकियों के बाद शुरू हुआ, जिसमें बुनियादी ढांचे पर हमले की चेतावनी दी गई थी।

सोशल मीडिया पर किस तरह के विजुअल पोस्ट किए गए हैं?

23 मई 2026 को एक ईरानी दूतावास ने एक एक्स-रे विजुअल पोस्ट किया जिसमें इसरायली पीएम नेतन्याहू को ट्रंप के विचारों के पीछे कंट्रोलर के रूप में दिखाया गया है।

इस सोशल मीडिया अभियान में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

इसमें भारत, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, थाईलैंड और घाना सहित कई देशों में मौजूद ईरानी दूतावास सक्रिय रूप से शामिल हैं।