भारत में मौजूद ईरान के दूतावास ने उन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से 20 लाख डॉलर का शुल्क वसूला जा रहा है। दूतावास ने साफ किया कि इस तरह की खबरें निराधार हैं और यह ईरान सरकार का आधिकारिक फैसला नहीं है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और समुद्री व्यापार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

ईरान ने टैक्स वसूलने की खबरों पर क्या सफाई दी?

ईरानी दूतावास ने 23 मार्च 2026 को आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि 20 लाख डॉलर की लेवी वसूलने की बात पूरी तरह गलत है। दूतावास के अनुसार मीडिया में चल रही खबरें कुछ लोगों के निजी विचार हो सकते हैं लेकिन सरकार ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टी की है कि Strait of Hormuz अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है। हालांकि युद्ध जैसी स्थिति के कारण वहां सुरक्षा के कड़े नियम लागू किए गए हैं और संदिग्ध जहाजों की निगरानी की जा रही है।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव और धमकियों का क्या है असर?

इस समय खाड़ी क्षेत्र में हालात काफी नाजुक बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को 48 घंटे की समय सीमा देते हुए चेतावनी दी है कि वह इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह खुला रखे। जवाब में ईरान की सेना और अधिकारियों ने कहा है कि अगर उनके पावर प्लांट या तेल ठिकानों पर हमला हुआ तो Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि बुनियादी ढांचे पर हमला होने की सूरत में पूरे क्षेत्र की ऊर्जा और तेल सप्लाई को भारी नुकसान पहुँचाया जाएगा।

पक्ष ताजा स्थिति और बयान
ईरानी दूतावास 20 लाख डॉलर वसूली की खबर को गलत बताया
ईरान विदेश मंत्रालय रास्ता खुला है पर सुरक्षा पाबंदियां लागू हैं
अमेरिका रास्ता खोलने के लिए 48 घंटे की डेडलाइन दी
ईरानी सेना हमला होने पर रास्ता बंद करने की धमकी दी
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com