भारत में मौजूद ईरान के दूतावास ने इसराइल को एक बेहद गंभीर और सीधी चेतावनी दी है। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर इसराइल ने दक्षिणी लेबनान पर अपने हमले बंद नहीं किए, तो उसके और उसके समर्थकों के खिलाफ एक बहुत बड़ा और विनाशकारी सैन्य एक्शन शुरू किया जाएगा। इस बड़ी चेतावनी के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासी और भारतीय नागरिक भी काफी चिंतित हैं।
ईरान और इसराइल के बीच ताजा तनाव की मुख्य वजह क्या है
ईरान का आरोप है कि इसराइली सेना लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रही है और दक्षिणी लेबनान पर लगातार हमले कर रही है। ईरान के अनुसार, इसराइल ने बेरूत के रिहायशी इलाकों यानी दहियाह को निशाना बनाया है और इन हमलों में प्रतिबंधित फॉस्फोरस हथियारों का इस्तेमाल किया है। इसी के जवाब में ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने हाल ही में इसराइल की तरफ कई मिसाइलें भी दागी थीं, जिन्हें इसराइली डिफेंस फोर्स यानी IDF ने हवा में ही रोकने का दावा किया है।
मिडिल ईस्ट के हालातों पर अन्य देशों और भारत का क्या रुख है
इस पूरे मामले पर दुनिया के बड़े देशों की नजर बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बातचीत की मेज पर आने और समझौता करने की सलाह दी है। वहीं दूसरी तरफ, हाल ही में कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी एक ईरानी मिसाइल और ड्रोन गिरने की खबर आई थी, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई थी। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए इसराइल और ईरान में मौजूद भारतीय दूतावासों ने पहले ही भारतीय नागरिकों के लिए एक जरूरी सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी है, जिसमें उन्हें बेहद सतर्क रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने को कहा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने इसराइल को क्या चेतावनी दी है?
भारत में ईरानी दूतावास ने चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई बढ़ाई, तो उसके और उसके सहयोगियों के खिलाफ विनाशकारी सैन्य अभियान शुरू किया जाएगा।
वहां रह रहे भारतीयों के लिए क्या सलाह जारी की गई है?
इसराइल और ईरान में मौजूद भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों को बेहद सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित बंकरों या शेल्टरों के पास रहने की सलाह दी है।
