ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के लिए रखा गया राष्ट्रीय शोक शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को खत्म हो गया है। अब ईरान का पूरा ध्यान कूटनीति पर है, लेकिन अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव ने माहौल को फिर से गरमा दिया है। दोनों देशों के बीच सैन्य हमले फिर से शुरू हो गए हैं जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल है।
🚨: ईरान ने अमेरिका से बातचीत की बात नकारी, कतर की मध्यस्थता को दी मंजूरी, तनाव कम करने की कोशिश।
अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के एक संयुक्त हवाई हमले में हुई थी। इस घटना के बाद अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच बड़ा संघर्ष शुरू हो गया था। खामेनेई को 9 जुलाई 2026 को मशहद के इमाम रज़ा श्राइन में दफनाया गया। उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को 8 मार्च 2026 को सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया था, लेकिन वे अभी तक जनता के सामने नहीं आए हैं। बताया जा रहा है कि उसी हवाई हमले में उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं, जिसकी वजह से नेतृत्व को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच फिर छिड़ी जंग
जून के बीच में एक नाजुक युद्धविराम हुआ था, लेकिन पिछले 48 घंटों में यह पूरी तरह टूट गया है। अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट के देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में मौजूद व्यापारिक जहाजों पर हमले किए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने दोबारा जहाजों पर हमला किया, तो अमेरिका इससे कहीं ज्यादा भयानक हमले करेगा, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहेगी।
कूटनीति और आंतरिक कलह
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी डिप्टी प्रतिनिधि टैमी ब्रूस ने शुक्रवार को कहा कि बातचीत तभी सफल होगी जब ईरान अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों का पालन करेगा। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तनाव कम करने के लिए ओमान, तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के आर्मी चीफ से फोन पर बातचीत की है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तकनीकी बातचीत अभी भी चल रही है। हालांकि, ईरान की बातचीत टीम से जुड़े एक सूत्र ने अमेरिकी मीडिया की खबरों को गलत बताया और कहा कि जब तक ट्रंप प्रशासन अपने वादे पूरे नहीं करता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। इसी बीच, ईरान के भीतर भी मतभेद सामने आ रहे हैं। कड़े रुख वाले नेता सईद जलिल ने खुलेआम खामेनेई की मौत का बदला लेने की मांग की है, जिससे नए नेतृत्व के बीच फूट पड़ने की आशंका है।
