ईरान ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपना कड़ा रुख साफ कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) में ईरान के राजदूत अली कियानी राद ने कहा कि उनका देश किसी भी ऐसी शांति को स्वीकार नहीं करेगा जो अपमानजनक हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधों और धमकियों के जरिए ईरान को दबाया नहीं जा सकता।
ईरान ने शांति समझौतों और बातचीत पर क्या कहा?
राजदूत अली कियानी राद ने FAO में अपने संबोधन के दौरान बताया कि ईरान बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, उन्होंने शर्त रखी कि यह बातचीत केवल तभी होगी जब इसमें ईरान के लोगों के अधिकारों का सम्मान किया जाए और भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने की गारंटी मिले। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कोई भी स्वतंत्र राष्ट्र प्रतिबंधों और डर के साये में शांति स्वीकार नहीं कर सकता।
FAO और अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर राजदूत के आरोप
ईरान के प्रतिनिधि ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के गलत इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ हमलावर देश कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं। अली कियानी राद ने यह भी कहा कि FAO जैसे संगठनों को राजनीतिक एजेंडे छोड़कर केवल मानवीय मुद्दों और खाद्य सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्होंने दोहराया कि ईरान खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य और संप्रभुता का मामला
ईरान ने अपनी संप्रभुता को लेकर भी कड़ा संदेश दिया है। राजदूत ने कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के मामले में ईरान केवल अपनी रक्षा कर रहा है। उन्होंने उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें ईरान को हमलावर बताया जाता है। उनका कहना था कि ईरान ने कभी किसी देश के खिलाफ युद्ध की शुरुआत नहीं की और वह केवल आत्मरक्षा में कदम उठाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के राजदूत ने FAO में क्या मुख्य बात कही
अली कियानी राद ने कहा कि ईरान धमकियों और प्रतिबंधों के बीच किसी अपमानजनक शांति को स्वीकार नहीं करेगा और केवल सम्मानजनक बातचीत के लिए तैयार है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान का क्या स्टैंड है
ईरान का कहना है कि वह केवल अपनी संप्रभुता की रक्षा कर रहा है और उसने कभी भी किसी युद्ध की शुरुआत नहीं की है।