ब्रिटेन में ईरान के एक खास कैंपेन को लेकर विवाद काफी बढ़ गया है। ईरान के दूतावास ने ‘Jan-Fada’ नाम से एक अभियान शुरू किया था, जिस पर ब्रिटेन सरकार ने सख्त नाराजगी जताई है। अब ईरान के दूत ने ब्रिटेन के मीडिया में किए गए दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

क्या है यह ‘Jan-Fada’ कैंपेन और क्यों मचा है बवाल?

ईरान के दूतावास ने अपने टेलीग्राम पेज पर एक संदेश पोस्ट किया था जिसमें ‘Jan-Fada’ (जिसका मतलब है जीवन का बलिदान) कैंपेन के बारे में बताया गया था। इस मैसेज के जरिए ब्रिटेन में रहने वाले ईरानियों से अपील की गई थी कि वे अपने देश की रक्षा के लिए इस प्रोग्राम में शामिल हों।

  • ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने इस मैसेज को ‘अस्वीकार्य और भड़काऊ’ बताया।
  • यूके सरकार का आरोप है कि यह अभियान हिंसा को बढ़ावा दे सकता है।
  • इस विवाद के बाद 28 अप्रैल 2026 को ब्रिटेन ने ईरान के राजदूत को तलब किया।

ईरान और ब्रिटेन सरकार के बीच क्या बातचीत हुई?

मिडल ईस्ट मामलों के ब्रिटिश मंत्री Hamish Falconer ने ईरान के दूत से सीधे बात की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दूतावास को ऐसे किसी भी संचार को बंद करना होगा जिसे ब्रिटेन या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंसा भड़काने वाला माना जा सके।

दूसरी ओर, ईरान के दूतावास ने इन दावों को गलत बताया। उनका कहना है कि यह पहल केवल उन ईरानियों के लिए है जो अपने देश की रक्षा करना चाहते हैं और इसका मकसद किसी के प्रति दुश्मनी या हिंसा फैलाना नहीं है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezehskian ने भी जानकारी दी कि अब तक 14 मिलियन से ज्यादा ईरानियों ने इस अभियान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

सुरक्षा विशेषज्ञों और अन्य संस्थाओं का क्या कहना है?

सुरक्षा मामलों के एक्सपर्ट Roger Macmillan ने इस अभियान को सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की धरती पर ऐसा कैंपेन चलाना डरावना है क्योंकि इसके जरिए शासन समर्थकों की पहचान की जा सकती है। यह पूरा अभियान फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ऑनलाइन और एसएमएस के जरिए शुरू किया गया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

‘Jan-Fada’ कैंपेन का असल मतलब क्या है?

‘Jan-Fada’ का हिंदी अर्थ ‘जीवन का बलिदान’ है। ईरान के दूतावास के मुताबिक, यह अभियान उन ईरानियों को जोड़ने के लिए है जो अपने देश की रक्षा में सहयोग करना चाहते हैं।

ब्रिटेन सरकार ने इस मुद्दे पर क्या कदम उठाया?

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने इस अभियान को भड़काऊ मानते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया और ऐसे संदेशों को तुरंत रोकने की मांग की।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.