भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली (Dr. Mohammad Fathali) ने शुक्रवार, 29 मई 2026 को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत में स्पष्ट किया कि दशकों से लगे आर्थिक प्रतिबंध ईरान को कमजोर नहीं कर पाए हैं। इसके विपरीत इन प्रतिबंधों ने ईरान को बाहरी विरोध का सामना करने और ‘आर्थिक प्रतिरोध’ की रणनीति अपनाने का अनुभव दिया है। ईरान ने साफ किया है कि वह शांतिपूर्ण बातचीत के लिए भी तैयार है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए युद्ध के लिए भी पूरी तरह सक्षम है।

👉: Trump on Iran Deal: ट्रंप लेने वाले हैं ईरान समझौते पर आखिरी फैसला, व्हाइट हाउस में बुलाई गई बड़ी बैठक.

आर्थिक प्रतिबंधों के बीच ईरान कैसे बना मजबूत?

ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली ने बताया कि उनके देश के पास मजबूत रक्षा क्षमताएं हैं और वह अपनी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। दशकों के आर्थिक प्रतिबंधों ने देश को आत्मनिर्भर बनाया है। ईरान अपने सर्वोच्च नेता खामेनेई की सलाह पर चल रहा है, जिसमें स्वदेशी उत्पादन और आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसी रणनीति के कारण ईरान पर प्रतिबंधों का गहरा असर नहीं पड़ा है और देश बाहरी ताकतों का मुकाबला करने में सफल रहा है।

अमेरिका के साथ बातचीत और भारत से रिश्तों पर क्या बोले राजदूत?

राजदूत फथाली ने दोहराया कि यदि अमेरिका ईरान की शर्तों को स्वीकार करता है, तो आगे की बातचीत का रास्ता साफ हो सकता है। अमेरिका के साथ बातचीत में मुख्य मुद्दों में परमाणु चिंताएं, प्रतिबंधों से राहत और युद्ध का मुआवजा शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने मुश्किल वक्त में ईरान का समर्थन करने के लिए भारत के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत इस क्षेत्र में एक साझा भाग्य और समान हित साझा करते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के राजदूत ने प्रतिबंधों को लेकर क्या रुख अपनाया है?

राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा कि दशकों के प्रतिबंधों ने ईरान को कमजोर नहीं किया, बल्कि ‘आर्थिक प्रतिरोध’ और आत्मनिर्भरता की रणनीति से और अधिक मजबूत बनाया है।

अमेरिका के साथ ईरान की बातचीत किन मुद्दों पर टिकी है?

बातचीत के मुख्य मुद्दों में परमाणु चिंताएं, आर्थिक प्रतिबंधों से राहत और युद्ध का मुआवजा शामिल हैं, जिन पर ईरान अपनी शर्तों के साथ बातचीत के लिए तैयार है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.