ईरान और यूरोपीय संघ (EU) के बड़े राजनयिकों के बीच फोन पर बातचीत हुई है। इस चर्चा में क्षेत्र के ताज़ा हालातों और तनाव को कम करने के तरीकों पर बात की गई। इसी बीच ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के लिए पाकिस्तान के ज़रिए एक नया प्रस्ताव भी भेजा है। दुनिया की नज़रें अब इन कूटनीतिक कोशिशों के नतीजों पर टिकी हैं।

ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए क्या कदम उठाए?

ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत के लिए पाकिस्तान को बीच में डाला है। 30 अप्रैल 2026 की शाम को ईरान ने अपना नया प्रस्ताव पाकिस्तान को सौंपा। इस बीच ईरान के न्यायपालिका प्रमुख Gholamhossein Mohseni Ejei ने साफ़ कहा कि ईरान तर्क और समझदारी वाली बातचीत का स्वागत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी का दबाव नहीं झेलेगा और अगर उसकी गरिमा को खतरा हुआ तो वह लड़ने से पीछे नहीं हटेगा। हालांकि, ईरान युद्ध नहीं चाहता है।

क्षेत्र में तनाव और अन्य देशों की प्रतिक्रिया

  • UN चीफ: Antonio Guterres ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया के हालात हर घंटे और ज़्यादा खराब हो रहे हैं और शांति के लिए बातचीत ज़रूरी है।
  • Hezbollah: 1 मई 2026 को Hezbollah ने दक्षिणी लेबनान में ड्रोन हमलों का दावा किया और इसराइल पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया।
  • UAE का रुख: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक अधिकारी ने Strait of Hormuz को लेकर ईरान द्वारा किए गए एकतरफा इंतज़ामों पर गहरा अविश्वास जताया है।
  • अमेरिका का स्टैंड: ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि युद्धविराम के कारण कांग्रेस की 60 दिनों की समय सीमा फिलहाल रुकी हुई है।

समुद्री रास्तों और सुरक्षा पर ईरान का क्या कहना है?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सभी देशों से अमेरिका की समुद्री डकैती और जहाजों को दी जाने वाली धमकियों की निंदा करने की अपील की है। Geneva में ईरान के राजदूत Ali Bahreini ने बताया कि ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि दुश्मन इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल सैन्य ठिकानों और गलत उद्देश्यों के लिए कर रहे हैं, इसलिए सुरक्षा बढ़ाना ज़रूरी था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए किसका सहारा लिया है?

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाया है और 30 अप्रैल 2026 को अपना नया प्रस्ताव पाकिस्तान के ज़रिए भेजा है।

Strait of Hormuz को लेकर क्या विवाद चल रहा है?

ईरान ने सुरक्षा कारणों से यहाँ जहाजों की निगरानी बढ़ा दी है, लेकिन UAE के अधिकारियों ने ईरान के इन एकतरफा फैसलों पर भरोसा नहीं जताया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.