22 मार्च 2026 को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस चर्चा में मुख्य रूप से ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद के क्षेत्रीय हालातों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने इस युद्ध से होने वाले मानवीय और सुरक्षा नुकसान पर अपनी राय साझा की।

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने क्या मांगें रखीं?

विदेश मंत्री अराघची ने साफ कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमले पूरी तरह से अवैध और बिना किसी उकसावे के किए गए हैं। उन्होंने केवल युद्ध विराम की जगह युद्ध को पूरी तरह और स्थायी रूप से समाप्त करने की बात कही है। ईरान का कहना है कि उसे भविष्य में ऐसे हमलों से बचने की गारंटी मिलनी चाहिए और हुए नुकसान का मुआवजा भी दिया जाना चाहिए।

समुद्री यातायात को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुली हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और इजरायल से जुड़े किसी भी जहाज को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यूरोपीय संघ का शांति और सुरक्षा पर जोर

EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने इस युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक रास्तों का समर्थन किया है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल से ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को रोकने की अपील की है। यूरोपीय संघ इस समय क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति बहाल करने की कोशिशों में लगा है ताकि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बनी रहे।

कल्लास ने होर्मुज की खाड़ी के माध्यम से सुरक्षित व्यापारिक मार्ग सुनिश्चित करने की बात भी कही। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस युद्ध ने पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल दिया है। ईरान और यूरोपीय संघ के बीच यह बातचीत इसी तनाव को कम करने की एक कोशिश मानी जा रही है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.