ईरान में एक बार फिर फांसी की सजा दी गई है। रविवार सुबह Amer Ramesh नाम के व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई गई। उस पर सुरक्षा बलों पर हमला करने और एक प्रतिबंधित संगठन का हिस्सा होने का आरोप था। ईरानी न्यायपालिका ने इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि की है।

Amer Ramesh को फांसी क्यों दी गई?

Amer Ramesh को Jaish al-Adl नाम के एक सुन्नी सशस्त्र समूह का सदस्य बताया गया। उस पर बम धमाकों और सैन्य बलों के खिलाफ घात लगाकर हमला करने का आरोप था। ईरानी कोर्ट ने उसे सशस्त्र विद्रोह का दोषी पाया था। उसके वकील ने अपील की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा। न्यायपालिका ने बताया कि सबूतों में सुरक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट और संचार उपकरणों से मिले डेटा का इस्तेमाल किया गया।

Jaish al-Adl क्या है और ईरान में क्या स्थिति है?

  • Jaish al-Adl: यह एक प्रतिबंधित मिलिटेंट ग्रुप है जो मुख्य रूप से ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय है।
  • मकसद: यह संगठन बलूच जातीय समूह के लिए अधिक अधिकारों और आजादी की मांग करता है।
  • हालिया कार्रवाई: 22 अप्रैल 2026 को IRGC ने पाकिस्तान-ईरान सीमा के पास इस समूह के लड़ाकों को खत्म किया था।
  • मानवाधिकारों का दावा: Amnesty International और Iran Human Rights जैसे संगठनों का कहना है कि ईरान में फांसी की दर बहुत अधिक है और कई बार आरोपियों से जबरन कबूलनामा लिया जाता है।