ईरान ने शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को एक व्यक्ति को फांसी दे दी है। इस व्यक्ति की पहचान Erfan Kiani के रूप में हुई है। ईरान सरकार ने उस पर इसराइल की जासूसी एजेंसी Mossad के लिए काम करने और उनके इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। यह खबर ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी Tasnim और न्यायपालिका की वेबसाइट Mizan Online ने साझा की है।

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Erfan Kiani पर क्या थे गंभीर आरोप?

ईरानी अधिकारियों ने बताया कि Erfan Kiani को इसफाहान शहर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा फैलाने का दोषी पाया गया। उस पर सरकारी और निजी संपत्तियों को जलाने, पेट्रोल बम (Molotov cocktails) का इस्तेमाल करने और पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के आरोप थे। अदालत ने उसे ‘मोहरेबेह’ यानी ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने और दुश्मन देशों के साथ मिलकर साजिश रचने की सजा सुनाई थी। ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर अपनी मुहर लगाई थी।

ईरान में बढ़ रही है फांसी की सजा

फरवरी 2026 के अंत में इसराइल और अमेरिका के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में सजा-ए-मौत के मामले तेज़ी से बढ़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक 19 मार्च से अब तक कम से कम नौ लोगों को फांसी दी जा चुकी है। हाल ही में Mohammad Masoom-shahi, Hamed Validi, Mehdi Farid और Amir Ali Mir Jafari जैसे लोगों को भी इसी तरह के आरोपों में फांसी दी गई। ईरान का कहना है कि वह जासूसी के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या है स्थिति?

इस तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिकी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner पाकिस्तान में ईरान के साथ बातचीत करने पहुंचे हैं। हालांकि ईरान ने अभी तक किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। ईरान सरकार का मानना है कि उसके न्यायिक फैसले देश के कानून के हिसाब से होते हैं और वह किसी भी बाहरी दबाव में आकर अपने फैसले नहीं बदलेगा।