ईरान ने बुधवार, 18 मार्च 2026 की सुबह एक व्यक्ति को फांसी दे दी। इस व्यक्ति का नाम Kourosh Keyvani था। उस पर इजराइल की खुफिया एजेंसी Mossad के लिए जासूसी करने का आरोप था। ईरान की न्यायपालिका से जुड़ी Mizan News Agency और अर्ध-आधिकारिक Tasnim News Agency ने इस खबर की आधिकारिक पुष्टि की है। सुप्रीम कोर्ट की अंतिम मंजूरी और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे फांसी पर लटकाया गया।

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किस आरोप में दी गई सजा?

अधिकारियों के अनुसार Kourosh Keyvani पर ईरान के कई संवेदनशील ठिकानों की तस्वीरें और अहम जानकारी जुटाने का गंभीर आरोप था। जांच में पाया गया कि वह यह सारी गोपनीय जानकारी सीधे Mossad के लोगों को भेज रहा था। ईरान प्रशासन का मानना है कि इस डेटा का इस्तेमाल ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने और विदेशी ऑपरेशनों को अंजाम देने के लिए किया जाना था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में फांसी की सजा को बरकरार रखा था।

जासूसी के खिलाफ ईरान का कड़ा रुख

यह फांसी ऐसे समय में दी गई है जब इस पूरे क्षेत्र में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर है। ईरान के न्यायपालिका अधिकारियों का कहना है कि यह सजा विदेशी ताकतों की मदद से होने वाली जासूसी को रोकने के लिए एक कड़ा संदेश है। आपको बता दें कि इससे पहले भी 2026 के शुरुआती महीनों में Ali Ardestani और Hamidreza Sabet Esmaeilipour को जासूसी के आरोप में फांसी दी जा चुकी है। वहीं मानवाधिकार संगठनों ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पिछले एक साल में ईरान में जासूसी के मामलों में मृत्युदंड के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.