ईरान ने जासूसी के आरोप में एक व्यक्ति को फांसी की सजा सुनाकर उसे अंजाम दे दिया है। यह व्यक्ति अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA और इसराइल की Mossad के लिए काम कर रहा था। ईरान की सरकारी एजेंसी ने इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि की है, जिससे दुनिया भर में चर्चा शुरू हो गई है।

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कौन था Erfan Shakourzadeh और उस पर क्या आरोप थे?

फांसी दिए गए व्यक्ति की पहचान Erfan Shakourzadeh के रूप में हुई है। वह 29 साल का था और aerospace engineering की पढ़ाई कर चुका था। वह एक ऐसी वैज्ञानिक संस्था में काम करता था जो सैटेलाइट गतिविधियों से जुड़ी थी। ईरान सरकार का दावा है कि उसने गोपनीय वैज्ञानिक जानकारी विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ साझा की थी।

फांसी की सजा और मानवाधिकार समूहों के दावे

ईरानी न्यायपालिका की Mizan news agency ने बताया कि Erfan Shakourzadeh को 11 मई 2026 को फांसी दी गई। दूसरी तरफ, Iran Human Rights Society जैसे संगठनों का कहना है कि उसे 2025 में गिरफ्तार किया गया था और उससे जबरन कबूलनामा लिया गया। मानवाधिकार समूहों ने इस सजा पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि आरोपी को निष्पक्ष कानूनी मदद नहीं मिली।

ईरान के कड़े कानून और सुरक्षा नियम

ईरान की संसद ने हाल ही में एक कानून पास किया है, जिसमें विदेशी खुफिया एजेंसियों, खासकर अमेरिका और इसराइल के साथ काम करने वालों के लिए सजा को और सख्त कर दिया गया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को बचाने और जासूसी रोकने के लिए इस तरह के कड़े कदम उठाना जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Erfan Shakourzadeh को फांसी क्यों दी गई?

उस पर अमेरिका की CIA और इसराइल की Mossad के लिए जासूसी करने और सैटेलाइट से जुड़ी गोपनीय वैज्ञानिक जानकारी साझा करने का आरोप था।

मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले में क्या कहा है?

संगठनों का दावा है कि आरोपी को 2025 में गिरफ्तार किया गया था और उससे प्रताड़ना के जरिए जबरन कबूलनामा लिया गया।