Iran New Update: ईरान में 3 लोगों को फांसी, इसराइल की जासूसी और मस्जिद जलाने का था आरोप
ईरान ने जासूसी के आरोप में तीन लोगों को फांसी दे दी है. इनमें से एक शख्स पर मस्जिद में आग लगाने का गंभीर आरोप था. यह पूरा मामला इसराइल की खुफिया एजेंसी Mossad से जुड़ा बताया जा रहा है. देश में तनाव के बीच सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है.
किसे दी गई फांसी और क्या थे आरोप?
न्याय विभाग की खबर के मुताबिक 21 अप्रैल 2026 को Amirali Mirjafari को फांसी दी गई. उस पर आरोप था कि वह Mossad के एक नेटवर्क को चला रहा था. उसने जनवरी के प्रदर्शनों के दौरान तेहरान की Gholhak Grand Mosque में आग लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस सजा पर मुहर लगाई थी. अदालत ने कहा कि उसने देश की सुरक्षा के खिलाफ काम किया और विदेशी ताकतों की मदद ली.
अन्य किन लोगों को दी गई सजा?
इससे पहले 20 अप्रैल को दो और लोगों, Mohammad Masoum Shahi और Hamed Validi को भी फांसी दी गई. इन दोनों पर इसराइल के लिए जासूसी करने और देश के अंदर हमले करने की साजिश रचने का आरोप था. रिपोर्ट के अनुसार इन्हें विदेश में ट्रेनिंग मिली थी और ये जासूसी नेटवर्क का हिस्सा थे. इन सभी मामलों में मौत की सजा सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई थी.
ईरान में मौजूदा हालात और टकराव
ईरान 28 फरवरी से अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध की स्थिति में है. हालांकि 8 अप्रैल से एक कमजोर युद्धविराम (ceasefire) लागू है. ईरान के फॉरेंसिक चीफ ने बताया कि इस लड़ाई में अब तक बहुत नुकसान हुआ है. जासूसी के मामलों में यह सख्ती देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद की गई कार्रवाई का हिस्सा है.
| नाम | फांसी की तारीख | मुख्य आरोप |
|---|---|---|
| Amirali Mirjafari | 21 अप्रैल 2026 | जासूसी और मस्जिद में आग लगाना |
| Mohammad Masoum Shahi | 20 अप्रैल 2026 | Mossad जासूसी और हमले की साजिश |
| Hamed Validi | 20 अप्रैल 2026 | Mossad जासूसी और हमले की साजिश |