ईरान में मोसाद जासूसों को फांसी, दो लोगों को सुबह दी गई मौत की सजा, इसराइल से जुड़े होने का आरोप
ईरान में इसराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) के लिए जासूसी करने के आरोप में दो लोगों को फांसी दे दी गई है। यह कार्रवाई 20 अप्रैल 2026 की सुबह की गई। ईरान के न्यायिक समाचार आउटलेट मिज़ान ने इस बात की पुष्टि की है कि इन दोनों की मौत की सजा को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी थी।
👉: ईरान की अमेरिका और इसराइल को चेतावनी, लेबनान और फ्रीज संपत्तियों की रिहाई पर अड़ा तेहरान।
कौन थे ये लोग और क्या थे आरोप
फांसी दिए गए दो लोगों की पहचान मोहम्मद मासूम शाही (Mohammad Masoum Shahi) और हामिद वैलिड (Hamed Validi) के रूप में हुई है। उन पर “ईश्वर के साथ दुश्मनी” और शत्रु समूहों के साथ सहयोग करने का आरोप था। रिपोर्ट के अनुसार, इन लोगों ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र सहित विदेशों में प्रशिक्षण लिया था।
ईरान में जासूसी को लेकर नए कड़े नियम
ईरान ने जासूसी और विदेशी ताकतों के साथ काम करने वालों के खिलाफ कानून बहुत सख्त कर दिए हैं। सरकार ने साफ किया है कि दुश्मन देशों की मदद के लिए जानकारी देना अब गंभीर अपराध है।
| तारीख | संबंधित निकाय/व्यक्ति | नियम या बयान |
|---|---|---|
| 1 अक्टूबर 2025 | गार्जियन काउंसिल | जासूसी और सहयोग के लिए सख्त सजा को मंजूरी दी |
| 17 अक्टूबर 2025 | राष्ट्रपति पेज़ेशकियन | जासूसी के लिए मौत की सजा और संपत्ति जब्ती का कानून लागू किया |
| 10 मार्च 2026 | अहमदरेजा रादान | दुश्मन के इशारे पर काम करने वालों को शत्रु माना जाएगा |
| 31 मार्च 2026 | न्यायिक प्रवक्ता | दुश्मन की मदद के लिए फोटो या वीडियो साझा करने पर भी मौत की सजा संभव |
हाल ही में हुई अन्य गिरफ्तारियां
ईरान में जासूसी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी है। 19 अप्रैल 2026 को उत्तर-पश्चिमी ईरान में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इन लोगों पर अमेरिका और इसराइल से जुड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा होने का संदेह है।