ईरान ने इजरायल के लिए जासूसी करने के दोषी दो लोगों को शनिवार को फांसी की सजा दे दी है। ईरानी न्यायपालिका ने इस कार्रवाई को जासूसी और देश के खिलाफ साजिश के तौर पर देखा है। बताया गया है कि ये दोनों लोग इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) के साथ मिलकर काम कर रहे थे।

फांसी दिए गए लोगों पर क्या थे आरोप?

ईरानी न्यायपालिका की वेबसाइट मिजान ऑनलाइन के मुताबिक, फांसी दिए गए दो लोगों के नाम याकूब करीमपोर और नासिर बेकरजादेह हैं। इन पर लगाए गए आरोप इस प्रकार हैं:

  • याकूब करीमपोर: इस व्यक्ति पर ईरान के सुरक्षा और सैन्य ठिकानों की फोटो और वीडियो बनाकर मोसाद अधिकारी को भेजने का आरोप था। इसे “मोहारेबेह” यानी ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे गंभीर अपराध के तहत सजा मिली।
  • नासिर बेकरजादेह: इस पर आरोप था कि इसने धार्मिक नेताओं, प्रांतीय हस्तियों और ईरान के अहम केंद्रों की गुप्त जानकारी इजरायल भेजी। इसमें सबसे अहम नतांज परमाणु क्षेत्र से जुड़ी जानकारियां शामिल थीं।

ईरानी न्यायपालिका और मौजूदा हालात

ईरानी अधिकारियों ने साफ किया है कि इन दोनों को “जायोनी शासन” यानी इजरायल के पक्ष में खुफिया सहयोग करने के जुर्म में फांसी दी गई। ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से जासूसी के मामलों में सख्ती बढ़ी है और कई लोगों को ऐसी ही सजाएं दी गई हैं। इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक तौर पर न्यायपालिका द्वारा साझा की गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने किन लोगों को फांसी की सजा दी है

ईरान ने याकूब करीमपोर और नासिर बेकरजादेह को फांसी दी है, जिन पर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने का आरोप था।

जासूसों ने कौन सी जानकारी लीक की थी

करीमपोर ने सैन्य ठिकानों के फोटो-वीडियो भेजे थे, जबकि बेकरजादेह ने नतांज परमाणु क्षेत्र और धार्मिक नेताओं से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की थीं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.