ईरान की सरकार ने हाल ही में तीन लोगों को फांसी की सजा दी है. इनमें से एक शख्स पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हत्या का आरोप था, जबकि दो अन्य पर इजराइल के लिए जासूसी करने का मामला दर्ज था. यह पूरी कार्रवाई Urmia Central Prison में हुई, जिसकी पुष्टि वहां के न्याय विभाग ने की है.
ईरान में किसे और क्यों दी गई फांसी?
न्याय विभाग की वेबसाइट Mizan Online के मुताबिक, 3 मई 2026 को Mehrab Abdollahzadeh को फांसी दे दी गई. उन पर आरोप था कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों के एक वॉलंटियर Abbas Fatemiyeh की हत्या की थी. उन्हें 22 अक्टूबर 2022 को “Woman, Life, Freedom” प्रोटेस्ट के दौरान गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट ने उन पर “धरती पर भ्रष्टाचार” का आरोप लगाकर मौत की सजा सुनाई थी.
इजराइल जासूसी के मामले में क्या हुआ?
3 मई से ठीक एक दिन पहले, यानी 2 मई 2026 को दो अन्य लोगों को भी फांसी दी गई. इनके नाम Nasser Bakerzadeh और Yaghoub Karimpour थे. इन दोनों पर इजराइल की खुफिया एजेंसी Mossad के लिए जासूसी करने का आरोप था. Urmia की एक “Revolutionary Court” ने यह फैसला सुनाया था, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी मंजूरी दे दी थी.
मानवाधिकार संगठनों और अधिकारियों का क्या कहना है?
- ईरान के न्याय विभाग के प्रमुख Gholamhossein Mohseni Ejei ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में फैसलों को जल्दी लागू करने के निर्देश दिए थे.
- Amnesty International और CHRI जैसे मानवाधिकार संगठनों ने इन फैसलों पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जासूसी के आरोपियों से जबरन कबूलनामा लिया गया और उन्हें सही ट्रायल नहीं मिला.
- संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेषज्ञों और ISJ ने ईरान से इन फांसी की सजाओं और कैदियों की स्थिति पर पारदर्शिता बरतने की मांग की है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Mehrab Abdollahzadeh को फांसी क्यों दी गई?
Mehrab Abdollahzadeh को 3 मई 2026 को फांसी दी गई क्योंकि उन पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक सुरक्षा वॉलंटियर Abbas Fatemiyeh की हत्या करने का आरोप था.
जासूसी के आरोप में किन लोगों को सजा मिली?
Nasser Bakerzadeh और Yaghoub Karimpour को 2 मई 2026 को फांसी दी गई. उन पर इजराइल की खुफिया एजेंसी Mossad के लिए काम करने का आरोप था.